नालंदा: अपराधियों ने दिनदहाड़े मजदूर को अगवा कर पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, 2 दिन बाद झाड़ियों में मिला शव

नालंदा: बिहार के नालंदा में दिनदहाड़े बदमाशों ने एक अधेड़ का अपहरण कर पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया. 2 दिनों बाद शुक्रवार को पुलिस ने उसके शव भागनविगहा ओपी के श्याम कोल्ड स्टोरेज के पीछे झाड़ी से बरामद किया पुलिस को जानकारी मिली तो पुलिस घटनास्थल पर पहुंच शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल में भेज दिया.

पत्नी चंचला देवी का आरोप है कि पूरी वारदात सीसीटीवी फुटेज मैं भी दिख रहा था. लिखित शिकायत करने के बाद भी पुलिस टालमटोल कर रही थी. थाना जाने पर थानाध्यक्ष गोतिया का विवाद कह डांट फटकार कर भागा देते थे.  परिजनों का आरोप है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेती तो शायद सत्येंद्र यादव की जान बच सकती थी. लेकिन परिजनों की शिकायत के बाद भी उस मामले पर कोई सुनवाई नहीं किया गया. जिससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.मृतक भागन बिगहा ओपी क्षेत्र के मुसेपुर गांव निवासी सत्येन्द्र यादव है.

पत्नी ने बताया कि हत्या के प्रतिशोध में पति का अपहरण किया गया था. वह परिवार के साथ सोहसराय में किराये के मकान में रहता है. पति मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पेट पालता है. बुधवार को गल्ला पट्टी में मजदूरी का काम कर रहे थे. इसी दौरान मुसेपुर गांव का ही शर्मा यादव व उसका पुत्र संतोष यादव ने उसका अपहरण कर लिया. सीसीटीवी फुटेज में एक अधेड़ सत्येन्द्र पर ईंटा चलाते और गला पकड़कर खींचता हुआ दिख रहा है.

पत्नी की मानें तो शर्मा यादव उनका रिश्तेदार हैं। उनके बीच पहले से ही भूमि विवाद चल रहा है. छह महीने पहले इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी. इसमें शर्मा यादव की पत्नी जख्मी हो गयी थी। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी थी. इस मामले में सत्येन्द्र का भी नाम आया था. उसी हत्या के प्रतिशोध में पिता-पुत्र ने मिलकर अपहरण हत्या जैसे जघन्य घटना अंजाम दिया है.

थानाध्यक्ष मुन्ना कुमार ने बताया कि पत्नी द्वारा लिखित शिकायत पर पुलिस कार्रवाई कर रही थी. दोनों पिता-पुत्र गांव छोड़कर फरार थे. गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी इसी बीच शव मिलने मिली. शव को देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि जिस दिन अपहरण किया गया था उसी दिन पीट-पीटकर हत्या की गई है.

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