पटना: छठ घाट पर असामाजिक तत्वों ने भीड़ में घुसकर लड़कियों के साथ की बदसलूकी, मची भगदड़, 3 घायल

पटना : चैती छठ महापर्व के तीसरे दिन गांधी घाट पर गुरुवार की देर शाम असामाजिक तत्वों ने भीड़ में घुसकर लड़कियों के साथ बदसलूकी की, जिसके बाद भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. लोग जान की परवाह में एक दूसरे को कुचलते हुए भागने लगे. भगदड़ में दो बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे गिरकर घायल हो गए. कई लोग चप्पल और सामान छोड़कर भाग निकले.

लोगों का आरोप है कि लड़कियां बचाओ, बचाओ चिल्लाने लगीं मगर कोई पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद नहीं था. थोड़ी देर बाद भागो, भागो की आवाज आई और भगदड़ मच गई. घटना के बाद घाट के संपर्क पथ में चप्पलें, बच्चों के दूध के बोतल, भीगे कपड़ों से भरे पैकेट आदि सामान बिखरे मिले.

सूचना मिलते ही एसएसपी डा. मानवजीत सिंह ढिल्लों और सिटी एसपी अम्बरीश राहुल दलबल के साथ मौके पर पहुंचे. हालांकि, एसएसपी ने किसी प्रकार की घटना से इनकार किया. उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाएं थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराएं, फिर पुलिस कार्रवाई करेगी.

अशोक नगर से आईं छठव्रती सुनीता देवी के स्वजनों ने बताया कि शाम करीब छह बजे ज्यादातर छठव्रती अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर लौट रहे थे. इस दौरान घाट की ओर आने वाले लोगों की संख्या भी अधिक थी. वे आइआइटी से पहले पहुंचे ही थे कि पुलिसकर्मियों ने संपर्क पथ में घाट की तरफ जाने के लिए रोक लगा दी. केवल दो जवान वहां खड़े थे. बैरिकेड गिराने के बाद वे भी चले गए मगर लोगों का आना-जाना नहीं रुका. वे अपने साथियों का इंतजार कर ही रहे थे कि कुछ लड़कियों शोर मचाने लगीं. ऐसा लग रहा था कि उनके साथ किसी ने गलत हरकत की. कुछ ही पल बाद चार-पांच लड़के भागते दिखे. वे भागो, भागो भी चिल्ला रहे थे, इसलिए संपर्क पथ से गुजर रहे छठव्रती और श्रद्धालु भी अनहोनी की आशंका पर भागने लगे.

ऊहापोह की स्थिति के बीच कई माताएं अपने बच्चों के बिछड़ जाने के कारण एनआइटी मोड़ पर रोती नजर आ रही थीं. परिवार के दूसरे सदस्य बच्चों को भीड़ से निकालने में जुटे रहे. उनका आरोप है कि संपर्क पथ पर एक भी पुलिसकर्मी नहीं था. भगदड़ के दौरान लोग बच्चे और महिलाएं सड़क पर गिर पड़ीं. भीड़ उन्हें कुचलते हुए आगे बढ़ रही थी.

एक महिला का कहना है कि उनकी छह साल की बच्ची भगदड़ में गिर गई. जब परिवार के दूसरे सदस्य उसे खोजने गए तो देखा कि कुछ लड़के बहला-फुसलाकर बच्ची को ले जाने की फिराक में थे. बच्ची ने स्वजनों को देखकर आवाज लगाई तो लड़के उसे छोड़कर भीड़ में घुसे. पुलिस अधिकारियों के पहुंचने पर उन्होंने इस घटना की जानकारी दी तो उनसे कहा गया कि ऐसी कोई बात नहीं हुई थी. ये आपका वहम है.

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