बिहार विधानसभा से शराबबंदी संशोधन बिल पास: शराब पीकर पकड़े जाने पर अब सिर्फ लगेगा जुर्माना, नहीं देने पर एक महीना जेल

पटना: बिहार विधानसभा में बुधवार को बिहार मद्य निषेध और उत्पाद (संशोधन) विधेयक, 2022 पारित किया गया.यानी अब पहली बार शराब पीकर पकड़े जाने पर जुर्माना देकर छूट सकते हैं. जुर्माना नहीं देने पर एक महीने की जेल होगी.

बता दें, विधेयक को बिहार सरकार ने पहले से तैयार कर लिया था. हंगामा होने और इसको लेकर एक मत बनाने को लेकर इसे बजट सत्र के अंतिम एक दिन पेश किया गया. हालांकि, बिहार सरकार की कैबिनेट से इसको पहले ही मंजूरी मिल गई थी.

सुप्रीम कोर्ट की सलाह के बाद बिहार सरकार ने शराबबंदी कानून में संशोधन की तैयारी की थी. इस संशोधन विधेयक पर हंगामा ना हो इसको लेकर सभी विधायकों को संशोधन की एक-एक प्रति पहले ही पढ़ने के लिए दी जा चुकी थी. बिहार सरकार की शराबबंदी कानून को लेकर हो रही फजीहत के बाद ये फैसला लिया गया है.

नए विधेयक के पास हो जाने से राज्य सरकार को इस श्रेणी के अपराधों के लिए दिए जाने वाले दंड को निर्धारित करने का विशेषाधिकार मिलेगा. पहले ये अधिकार कोर्ट के पास था. बता दें कि राज्य में कोर्ट और जेल में बढ़ते हुए दबाव को देखते हुए सरकार साल 2021 के अंत से ही कानून में संशोधन की तैयारी में थी. इसी क्रम में आज इसे मूर्त रूप दिया गया है.

बता दें कि नए शराबबंदी कानून में पियक्कड़ों को बहुत छूट दी गई है. पहली बार शराब पीकर पकड़े जाने पर उन्हें मजिस्ट्रेट द्वारा जुर्माना लेकर छोड़ा जाएगा. वहीं, जुर्माना नहीं देने पर एक महीने की जेल होगी. जबकि बार-बार शराब पीकर पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी.

वहीं, नए कानून के तहत इस तरह के मामलों में सुनवाई एक साल के अंदर पूरी करनी होगी. भारी संख्या में पुलिस अगर अवैध शराब पकड़ती है तो पुलिस को अधिकार होगा की वो शराब का सैंपल रखकर बाकी बची शराब नष्ट कर दे. पुलिस को ऐसा करने के लिए कलेक्टर से अनुमति की जरूरत नहीं होगी. 

बता दें कि शराबबंदी कानून संशोधन विधेयक 2022 में बिहार सरकार शराब की जब्ती, तलाशी व शराब नष्ट करने का निर्देश जारी करेगी. शराबबंदी कानून संशोधन विधेयक 2022 में दंडनीय सभी अपराध धारा-35 के अधीन अपराधों को छोड़कर सुनवाई विशेष न्यायालय द्वारा की जाएगी. ऐसे मामलों के अधीन गिरफ्तार व्यक्ति जो अभी भी जेल में हैं, उन्हे रिहा कर दिया जाएगा. हालांकि, उसे छोड़ा तब ही जाएगा अगर वह धारा 37 में उल्लिखित कारावास की अवधि पूरा तक चुका होगा. 

You might also like

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More