चारा घोटाला मामले में लालू यादव समेत 75 आरोपी दोषी करार, 18 फरवरी को सजा का ऐलान

चारा घोटाले मामले में अवैध निकासी के सबसे बड़े मामले में CBI स्‍पेशल कोर्ट का बहुप्रतीक्षित फैसला आखिरकार आज आ गया. कोर्ट ने लालू यादव समेत 75 आरोपियों को इस मामले में दोषी करार दिया है.विशेष न्यायाधीश एसके शशि ने मामले में छह महिलाओं समेत 24 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है. इस मामले में अदालत 18 फरवरी को लालू और अन्‍य दोषियों को सजा सुनाएगी.

जैसे ही RJD सुप्रीमो के दोषी करार देने की सूचना बाहर आई पटना से लेकर रांची तक उनके समर्थकों में मायूसी छा गई. कोर्ट परिसर RJD नेताओं से पटा है। पुलिस का पहरा सख्त कर दिया गया है.

बता दें, इससे पहले चारा घोटाले के 4 मामले (देवघर के एक, दुमका ट्रेजरी की दो अलग-अलग धारा और चाईबासा ट्रेजरी से संबंधित दो मामलों में) लालू दोषी करार दिए जा चुके हैं. अभी पहले के सभी मामलों में जमानत पर बाहर थे, लेकिन मंगलवार को कोर्ट के आए फैसले से उन्हें एक बार फिर जेल जाना होगा.

बतातें चलें कि डोरंडा ट्रेजरी से 139.35 करोड़ रुपए की अवैध निकासी के इस मामले में पशुओं को फर्जी रूप से स्कूटर पर ढोने की कहानी है. यह उस वक्त का देश का पहला मामला माना गया जब बाइक और स्कूटर पर पशु को ढोया गया हो. यह पूरा मामला 1990-92 के बीच का है. CBI ने जांच में पाया कि अफसरों और नेताओं ने मिलकर फर्जीवाड़ा का अनोखा फॉमुर्ला तैयार किया. 400 सांड़ को हरियाणा और दिल्ली से स्कूटर और मोटरसाइकिल पर रांची तक ढोया गया. ताकि बिहार में अच्छी नस्ल की गाय और भैंसों का उत्पादन किया जा सके. पशुपालन विभाग ने 1990-92 के दौरान 2,35, 250 रुपए में 50 सांड़, 14, 04,825 रुपए में 163 सांड़ और 65 बछिया खरीदा.

इतना ही नहीं विभाग ने इस दौरान क्रॉस ब्रिड बछिया और भैंस की खरीद पर 84 लाख 93 हजार 900 रुपए का भुगतान मुर्रा लाइव स्टॉक दिल्ली के दिवंगत प्रोपराइटर विजय मल्लिक को की थी. इसके अलावा भेड़ और बकरी की खरीद पर भी 27 लाख 48 हजार रुपए खर्च किए थे.

इस घोटाले की खास बात है कि जिस गाड़ी नंबर को विभाग ने पशुओं को लाने के लिए रजिस्टर में दर्शाया था वह सभी स्कूटर और मोपेड के थे. CBI ने जांच में पाया है कि लाखों टन पशुचारा, भूसा, पुआल, पीली मकई, बादाम, खल्ली, नमक आदि स्कूटर, मोटरसाइकिल और मोपेड पर ढोए गए. देश के सभी राज्यों के करीब 150 DTO और RTO से गाड़ी नंबर की जांच कराकर जांच टीम ने सबूत जुटाए हैं.

CBI के मुताबिक, इस घोटाले में लाखों टन भूसा, पुआल, पीली मकई, बदाम खली, नमक आदि सामान भी स्कूटर, बाइक और मोपेड पर ढोए गए थे. लेकिन दिलचस्प यह है कि हरियाणा से बढ़िया नस्ल के सांड़, बछिया और हाईब्रिड भैंस भी स्कूटर से ही झारखंड लाए गए थे, ताकि यहां अच्छी नस्ल की गाय और भैंसों का उत्पादन किया जा सके.

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