नालंदा मे मानवता हुई शर्मसार: बेटे की शव कंधे पर लेकर उधर-उधर घूमता रहा बाप, फोन करने पर भी नहीं मिला शव वाहन

नालंदा: बिहार के स्वास्थ्य विभाग की पोल खोलती एक और खबर नालंदा से सामने आई है. बेन थाना बाजार निवासी एक बच्चा शुक्रवार को खेलते-खेलते छत से गिर गया. घटना के बाद उसे इलाज के लिए निजी क्लीनिक लाया गया। बालक की स्थिति खराब देखकर चिकित्सकों ने उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया. अंत में डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक बेना थाना के जुलुम रजक का चार वर्षीय पुत्र आदित्य कुमार है.

स्वजनों का आरोप है कि 102 नंबर पर कई बार फोन करने के बाद शव ले जाने के लिए वाहन नहीं मिला. कई काल की गई पर जवाब तक नहीं दिया गया.

बच्चे के पिता जुलुम रजक ने बताया कि उनका बेटा शुक्रवार को छत से गिर गया था. काफी ऊंचाई से नीचे गिरने के कारण वह अचेत हो गया. आननफानन में उसे इलाज के लिए निजी क्लीनिक लाया गया. हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया, जहां चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद चीख-पुकार मच गई. स्वजनों ने जब शव वाहन के लिए फोन किया तो कोई रिस्पांस नहीं मिला. अंत में पिता को जब कुछ सहारा नहीं मिला तो बेटे के शव को कंधे पर लेकर घर चल दिए.

काले कपड़े में बेटे का शव ले जाने के दौरान रोते स्वजनों का वीडियो किसी ने बना लिया. कुछ ही देर बाद यह इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया.

इधर, डीएसपी डा. आरएन सिंह व हेल्थ मैनेजर हेमंत कुमार ने बताया कि स्वजनों ने हम लोगों से संपर्क नहीं किया. यदि वह बात करते तो निश्चित ही उनके लिए शव वाहन उपलब्ध कराया जाता. इधर, इस मामले का इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल कर दिया गया है. कहा जा रहा है कि बालक की मौत के बाद शव वाहन नहीं मुहैया कराया गया. मामले में स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों का कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं है. बालक की मौत के बाद उसका शव लाया गया था.

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