छात्रों के आंदोलन के बाद रेल मंत्रालय ने NTPC और लेवल-1 की परीक्षा पर लगाई रोक

पटना: RRB NTPC रिजल्ट को लेकर बिहार में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है. रेल मंत्रालय ने फिलहाल ने एनटीपीसी और लेवल 1 परीक्षा पर रोक लगा दी है. इसके साथ ही रेल मंत्रालय ने एक कमेटी गठित की है, जो परीक्षा में पासआउट स्टूडेंट और फेल किए गए स्टूडेंट की बातों को सुनेंगे और कमेटी इसकी रिपोर्ट रेल मंत्रालय को सौपेंगी. इसके बाद रेल मंत्रालय आगे का निर्णय लेगा. फिलहाल रेलवे की परीक्षा पर रेल मंत्रालय ने रोक लगा दी है.

बता दें कि मुख्य तौर पर बिहार में हजारों की संख्या में अभ्यर्थी आरआरबी एनटीपीसी रिजल्ट के खिलाफ पिछले तीन दिन से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. वहीं रेलवे ने मंगलवार को कहा था कि प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ करने समेत गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल अभ्यर्थियों और अन्य लोगों की रेलवे में भर्ती पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा. बिहार में प्रदर्शन के दौरान पटना समेत कई जगहों पर रेल की पटरी पर युवकों बैठ जाने की घटना के एक दिन बाद रेलवे का यह बयान आया है.

एक सामान्य नोटिस में रेलवे ने कहा, ‘इस तरह की दिशाहीन गतिविधियां अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा हैं, जो ऐसे लोगों को रेलवे में भर्ती के अयोग्य बना देती हैं. इस तरह की गतिविधियों के वीडियो का परीक्षण किया जाएगा. गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल अभ्यर्थियों या नौकरी के इच्छुक अन्य लोगों की रेलवे में भर्ती पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया जाएगा. ऐसे लोग अपने खिलाफ पुलिस कार्रवाई के लिए खुद जिम्मेदार होंगे.’

अभ्यर्थियों ने रेलवे भर्ती बोर्ड के नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (आरआरबी एनटीपीसी) परीक्षा के परिणाम में कथित गड़बड़ी को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया था. यह विरोध प्रदर्शन सोमवार देर शाम तक जारी रहा. इसके कारण पटना में कम से कम पांच लंबी दूरी की ट्रेन को रद्द करना पड़ा, जबकि राजेंद्र नगर टर्मिनल पर पटरी के बाधित होने से कई ट्रेन के मार्ग को परिवर्तित करना पड़ा.

अधिकारियों ने बताया कि रेलवे ने कोचिंग केंद्रों से संपर्क करके अभ्यर्थियों के बीच जागरूकता फैलाने की अपील की है. गौरतलब है कि एनटीपीसी परीक्षा में करीब 1.25 करोड़ अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिसका परिणाम इस महीने की शुरुआत में आया था.

रेलवे ने पहले कहा था कि वह 35,281 पदों को भरने पर विचार कर रहा है. इनमें से 13 श्रेणियों में 24,281 पद स्नातक के लिए थे और छह श्रेणियों में 11,000 पद गैर-स्नातक के लिए थे. इन 13 श्रेणियों को सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के वेतनमान स्तर (स्तर 2, 3, 4, 5 और 6) के आधार पर पांच समूहों में विभाजित किया गया था. इन पदों में ट्रेन असिस्टेंट, गार्ड, जूनियर क्लर्क, समयपाल और स्टेशन मास्टर शामिल हैं.

लेवल 2 की नौकरी पाने पर शुरुआती वेतन लगभग 19,000 रुपये है और इसके लिए कक्षा 12 पास होना आवश्यक है. स्टेशन मास्टर जैसे लेवल-6 के पद के लिए स्नातक होना जरूरी है, लेकिन शुरुआती वेतन लगभग 35,000 रुपये है. उम्मीदवारों का आरोप है कि पिछले साल आयोजित कंप्यूटर आधारित टेस्ट-1 के दौरान लेवल 2 की परीक्षा में उच्च योग्यता वाले उम्मीदवार बैठे.

एक अभ्यर्थी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘अगर ये उम्मीदवार ऐसी नौकरियों के लिए बैठते हैं, तो हम इन नौकरियों को पाने की कल्पना भी कैसे करेंगे जो हमारे लिए हैं?’ अधिकारियों ने कहा कि समस्या यह है कि रेलवे उच्च योग्यता वाले उम्मीदवारों को कम योग्यता की आवश्यकता वाली परीक्षा में बैठने से नहीं रोक सकता है.

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