बोकारो: राशन दुकान में सो रहे दो लोगों की हत्या, जांच में जुटी पुलिस

बोकारोः जिले के चास मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बिजुलिया गांव के बाहर राशन दुकान में सो रहे मजदूर और दुकान मालिक की हत्या कर दी गई. दोनों पर तेज धार हथियार से सिर पर प्रहार किया गया है और दुकान से चोरी भी हुई है. इससे आशंका जताई जा रही है कि चोरी के लिए दुकान में घुसे हत्यारों ने पहचान लिए जाने पर वारदात को अंजाम दिया. ग्रामीण के बेटे मिलन महथा ने इसमें गांव के लोगों के ही शामिल होने की आशंका जताई है. इधर बिजुलिया गांव दोहरा हत्याकांड से इलाके में सनसनी फैल गई है.

घटना की सूचना पर मुफस्सिल थाना पुलिस और चास सदर एसडीपीओ मौके पर पहुंचे. उन्होंने जांच पड़ताल शुरू कर दी है. मौके पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है. टीम ने सबूत जुटाए हैं. प्रथम दृष्टया चोरी के लिए आए चोरों की ओर से वारदात को अंजाम दिए जाने की बात कही जा रही है.

चास सदर एसडीपीओ पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि चोरी की घटना अंजाम देने के दौरान हत्याकांड को अंजाम दिया गया है. दुकान के गल्ले में रखे पैसे भी गायब हैं. पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच पड़ताल कर रही है. फॉरेंसिक, टेक्निकल और स्वान दस्ता को बुलाकर मामले की जांच कराई जा रही है.

जानकारी के मुताबिक बिजुलिया गांव के रहने वाले 60 वर्षीय अरुण महथा गांव के बाहर राशन दुकान चलाने थे. दुकान के बगल में ही उनका खलिहान भी है. मंगलवार रात प्रतिदिन की तरह ग्रामीण क्षेत्र में मजदूरी करने वाला बेलूट निवासी फटिक धीवर भी सो रहा था. अनुमान लगाया जा रहा है कि देर रात चोरी की घटना को अंजाम देने आए अज्ञात चोर पहचान लिए गए तो हत्यारों ने तेज धार हथियार से दोनों के सिर पर वार कर दोनों की हत्या कर दी. उसके बाद दुकान का ताला तोड़कर अंदर रखे लगभग 4000 रुपये लेकर भाग गए.

घटना की जानकारी ग्रामीणों को तब मिली जब अहले सुबह 7 बजे अरुण की पत्नी प्रतिदिन की भांति दुकान पहुंचीं. उन्होंने देखा कि दोनों का शव बिछावन में खून से लथपथ है. इसके बाद इसकी जानकारी अरुण के इकलौते पुत्र मिलन महथा को दी गई. बाद में घर वालों ने मुफस्सिल थाना पुलिस को इस घटना की जानकारी दी. घटना की जानकारी मिलने के बाद चास एसडीपीओ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की.मृतक के बेटे का कहना है कि हमलोगों की दुश्मनी किसी से नहीं है.

वहीं घटनास्थल पर पहुंचे चंदनकियारी के भाजपा विधायक अमर कुमार बाउरी ने घटना को दुखद बताया है और इसे कानून की विफलता बताई है. उन्होंने कहा कि जब तक अपराधी पकड़े नहीं जाते हैं, तब तक जांच का कोई मतलब नहीं है. अपराधी पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों में दहशत कम होगी. उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में भी इस तरह कि घटना घटी थी.

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