बिहार: भाई की मौत पर मिले मुआवजे को हड़पने के लिए ससुराल वालों ने नवविवाहिता को उतारा मौत के घाट, पुलिस ने चार लोगों को किया गिरफ्तार

अररिया: बिहार के अररिया जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है. जिले के नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के फतेहपुर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 9 में ससुरालवालों ने एक 22 वर्षीया नवविवाहिता की इसलिए हत्या कर दी क्योंकि वह भाई की मौत के बाद मुआवजे के तौर पर मिले 10 लाख रुपये उन्हें नहीं दे रही थी. सिर्फ यही नहीं, हत्या कर सबूत मिटाने के लिए शव काे जलाने की कोशिश का भी आरोप लगा है. पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.

इस घटना की जानकारी मिलते ही मृतका पिंकी कुमारी के मायके वालों ने नरपतगंज पुलिस को सूचना दी. इसके बाद थानाध्यक्ष शैलेश कुमार पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर मृतका के अवशेषों को बरामद कर लिया. वहीं, घटना में शामिल मृतका के ससुर सहित चार लोगों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया. आरोपी पति आशीष कुमार व सास मौके से भागने में सफल रहे.

पिंकी का मायका कुर्साकाटा प्रखंड के कुंवारी पगडेरा है. पिंकी के पिता खगेश झा ने बड़े ही धूमधाम से लाखों रुपये दहेज देकर 3 मई 2021 को ही फतेहपुर निवासी सुबोध मिश्र के पुत्र आशीष कुमार से अपनी बेटी की शादी की थी. मृतका की सास गांव में आंगनवाड़ी सेविका है. शादी के महज 5 माह बाद ही सोमवार देर रात नवविवाहिता की उसके पति, सास, ससुर सहित अन्य रिश्तेदारों ने मिलकर हत्या कर दी.

साक्ष्य मिटाने के लिए मंगलवार सुबह शव को जला दिया गया. इस घटना की जानकारी किसी तरह से मृतका के मायके वालों को मिल गयी. इसके तुरंत बाद वे घटनास्थल पर पहुंंचे. साथ ही नरपतगंज थाने को भी सूचना दी. थाना अध्यक्ष शैलेश कुमार पांडेेय के नेतृत्व पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची लेकिन उससे पहले ही शव को जला दिया गया था. थानाध्यक्ष ने शव के अवशेषों को बरामद करते हुए आरोपी ससुर सुबोध मिश्र के अलावा उसके दामाद मधुबनी निवासी निर्मल झा, साला नरेंद्र मिश्र, धीरेंद्र मिश्र को गिरफ्तार कर लिया.

घटना को लेकर बताया जा रहा है कि मृतका दो बहने हैं. उसका एक ही भाई था. जिसकी मौत कुछ दिन पूर्व करंट लगने से हो गयी थी. भाई की मौत के बाद बिजली कंपनी द्वारा मुआवजा दिया गया था. मुआवजे की राशि में से 10 लाख रुपये मृतका के नाम पर थे. आरोप है कि पिंकी का पति किसी तरह से उन रुपयों को हड़पना चाहता था. रुपये नहीं देने के कारण ही पति, सास, ससुर समेत अन्य लोगों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी और शव को जला दिया.

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