बिहार: क्रिप्टो करेंसी बिटक्वाइन के नाम पर हजारों लोगों से 100 करोड़ रुपए की हुई ठगी, एक लाख निवेश पर 10 हजार प्रति माह मुनाफा का दिया लालच

समस्तीपुर जिले में क्रिप्टो करेंसी बिटक्वाइन के नाम पर हजारों लोगों से 100 करोड़ रुपए से अधिक की राशि ठगी का मामला प्रकाश में आया है. मामला दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के रामपुर-जलालपुर गांव का है. गांव का ही वार्ड संख्या 9 निवासी पंकज कुमार चौधरी ग्रामीणों को मुंगेरी लाल के हसीन सपने दिखाते हुए उनसे ठगी कर परिवार सहित भाग निकला.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2017 में ही पंकज अपने सगे-संबंधियों व गांव के दोस्त शिवम चौधरी, अमित कुमार उर्फ़ मिथुन व सौरभ कुमार के साथ मिलकर ग्रामीणों से बिटक्वाइन में निवेश करने व गांव में अस्पताल निर्माण की बात कहते हुए कम से कम एक लाख रुपए के निवेश पर उसके एवज में 10 हजार रुपए प्रतिमाह देने का वादा किया. उसके झांसे में आकर शुरुआत में ग्रामीणों ने रुपए निवेश करना शुरू किया. कुछ साल तक लोगों को राशि के हिसाब से मुनाफा भी मिला, जिसके बाद ग्रामीणों ने भारी मात्रा में कर्जा लेकर, जमीन-जेवर बेचकर, गैस पाइपलाइन व एसएच 88 के निर्माण में मिले सरकारी मुआवजे की राशि पंकज को देने लगे, जो 1 लाख से लेकर 50 लाख तक की थी.इसके एवज में पंकज ने कुछ लोगों को पोस्ट डेटेड चेक भी दिया.

चार महीनों से पंकज ग्रामीणों को मुनाफा की राशि देने में आनाकानी कर रहा था. इसके बाद ग्रामीणों ने पंचायत भवन में एक बैठक बुलाई. इसमें पंकज ने कुछ दिनों की मोहलत मांग. सभी के रुपए वापस करने की बात कही. वहीं बीते मंगलवार से वह परिवार सहित गांव से फरार है, जबकि उसके साथी अब भी गांव में मौजूद हैं. गांव के ही पंकज कुमार चौधरी, संतोष कुमार चौधरी, दीपक कुमार चौधरी व मुकेश कुमार चौधरी ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर एक करोड़ 18 लाख 20 हजार रुपए बिटक्वाइन कंपनी के नाम पर ठगी करते हुए भाग जाने का मामला दर्ज कराया है.

पंकज पहले RCM सहित अन्य नेटवर्किंग का काम करता था. 2017 में उसने सबसे पहले कृष्ण कुमार कुंदन और टुनटुन चौधरी को बिटक्वाइन का व्यवसाय करने की जानकारी दी. एक लाख रुपए निवेश करने पर प्रतिमाह 10 हजार रुपए मुनाफा के रूप में देने की बात कहते हुए उनसे निवेश कराया. जैसे-जैसे ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई, वैसे-वैसे लोग पंकज को रुपए देने लगे. इसको लेकर पंकज ने गांव के ही 15 युवकों को एजेंट के रूप में बहाल किया. इसके बाद उसके एजेंट कन्हैया कुमार, मिथुन कुमार, सौरभ कुमार, शिवम कुमार आदि ग्रामीणों से निवेश कराने लगे. कुछ साल तक लोगों को मुनाफा मिलते देख अधिक संख्या में ग्रामीण, शहर के व्यवसायी, चिकित्सक, जनप्रतिनिधि भी पंकज व उसके एजेंट को रुपए देने लगे. वहीं ग्रामीणों ने इसकी जानकारी दूसरे जिले के अपने सगे-संबंधियों को दी तो वह भी अपना रुपया यहां आकर निवेश करना शुरू कर दिए.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संतोष कुमार चौधरी ने 30 लाख, दीपक कुमार चौधरी ने 20 लाख, मुकेश चौधरी ने 10 लाख, कुंदन मास्टर ने 67 लाख, मनोहर कुमार चौधरी ने 11 लाख, संजय कुमार चौधरी ने 6 लाख, मनीष कुमार चौधरी ने 10 लाख, राम शंकर चौधरी ने 14 लाख, अजय चौधरी ने 6 लाख, माधव चौधरी ने 6.50 लाख, मुकेश चौधरी ने 5 लाख, विष्णुकांत चौधरी ने 2 लाख, कन्हैयालाल चौधरी ने 33 लाख, वैशाली के संजय कुमार ने 80 लाख रुपए देने की बात कही है, जबकि हजारों लोग इस ठगी का शिकार हुए हैं.

ग्रामीणों ने स्थानीय थाने की पुलिस को दिए गए आवेदन में वार्ड संख्या नौ निवासी पंकज कुमार चौधरी, उसकी पत्नी रेणु देवी, भांजा रितेश कुमार, बहन मंजू देवी, बहनोई अंजनी झा, उसकी मां, साला, सरोज कुमार चौधरी, शिवम कुमार चौधरी, सौरभ चौधरी को आरोपित किया है.

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