कोरोना वायरस की तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी चेतावनी: कहा- अगले 100 से 125 दिन बेहद अहम

नई दिल्ली: कोरोना की दूसरी लहर से पूरी तरह छुटकारा मिल नहीं पाया है कि तब तक तीसरी लहर का खतरा मंडराने लगा है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने आने वाले दिनों को लेकर आगाह किया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि दुनिया कोरोना की तीसरी लहर की तरफ बढ़ रही है. अगले 100 से 125 दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं इस दौरान लोगों को सावधान रहने की जरूरत है.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों को कोरोना-संबंधी नियमों का पालन करने का आग्रह किया है. केंद्र ने कहा कि हाल के दिनों में देश में कोरोना के मामले में कमी की दर धीमी हुई है और इसे संभावित तीसरी लहर के आने की चेतावनी के तौर पर लेने की जरूरत है.

नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा, ‘कोरोना की तीसरी लहर की बात इसलिए हो रही है क्योंकि अभी हर्ड इम्युनिटी पर नहीं पहुंचे हैं. बड़ी आबादी को संक्रमण का खतरा बरकरार है. हम संक्रमण के रास्ते हर्ड इम्युनिटी तक नहीं पहुंचना चाहते. केस कम होने की रफ्तार धीमी हो गई है. हालात खराब न हो इसलिए कोविड-संबंधी व्यवहार बेहद जरूरी है.’ उन्होंने कहा कि सौ- सवा सौ दिन बेहद अहम हैं, इसलिए सबको सतर्क रहना होगा और जिम्मेदारी निभानी होगी.

नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश में कोरोना वायरस के मामलों में गिरावट की रफ्तार कम हुई है और यह हमारे लिए खतरे का संकेत है. उन्होंने कहा कि भारत में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई के लिए अगले 100 से 125 दिन काफी अहम हैं.

डॉ. वीके पॉल ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आंकड़ों के आधार पर विश्लेषण किया है और बताया है कि वर्ल्ड तीसरी वेब की ओर बढ़ रहा है. पॉल ने डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि स्पेन में 64% केस एक हफ्ते में बढ़े हैं. इसी तरह से नीदरलैंड्स में कोरोना के मामलों में 300% का इजाफा देखने को मिला है. उन्होंने कहा, ‘डब्ल्यूएचओ की चेतावनी ग्लोबल है. उसे हमें समझना है और जो जरूरी उपाय हैं उन्हें हमें अपनाना है.’

नीति आयोग के स्वास्थ्य विभाग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने बताया कि काेरोनावायरस की दूसरी लहर के दाैरान वैक्सीन की पहली डोज से मृत्यु दर में 82% तक कमी आई, वहीं दूसरी डोज से 95% मौतों को रोका जा सका.

लव अग्रवाल ने कहा कि कई स्टडीज में यह सामने आया है जैसे-जैसे लोग अपने कामों की तरफ लौट रहे हैं, वे मास्क का कम इस्तेमाल कर रहे हैं. यह बेहद जरूरी है कि फेस-मास्क को अब जीवन का सामान्य अंग मान लिया जाए.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कई मीडिया रिपोर्ट्स में सूचना दी जा रहा है कि कोरोना के मामलों में इजाफे के चलते भारत में लाखों बच्चों को वैक्सीन डोज नहीं लग पाई है, जिससे उनके संक्रमित होने का खतरा बढ़ गया है. ये रिपोर्ट्स सही नहीं हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये उपलब्धियां भी गिनाईं​​​

  • दुनिया के कई हिस्सों में हालत बद से बदतर हो चुकी है. कुल मिलाकार दुनिया तीसरी लहर की तरफ जा रही है। इसे लेकर WHO की चेतावनी को हल्के में नहीं लिया जा सकता है. यह चिंता का विषय है.
  • देश के हेल्थ मैनजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) के मुताबिक, 2021 की पहली तिमाही में डिप्थीरिया-टेटनेस-पर्टुसिस (DTP3) के टीके लगाने में 99% कवरेज हासिल किया है.
  • यूनिवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम (UIP) के तहत बच्चों को सभी प्रमुख टीके उपलब्ध कराने और कोरोना के बुरे नतीजों को कम करने की दिशा में काम किया गया है. कोविड महामारी फैलने के बाद से ही स्वास्थ्य मंत्रालय जरूरी सेवाओं को प्रदान करते रहने के लिए काम कर रहा है.
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