BPSC में पास लेकिन जिंदगी की परीक्षा में फेल हो गए अविनाश, कोरोना से हुई मौत

आरा: भोजपुर जिले के पीरो अनुमंडल के बैसाडीह निवासी विजय शंकर उपाध्याय के 30 वर्षीय बेटे इंजीनियर अविनाश कुमार को बीपीएससी 65वीं मेंस में सफलता मिली है. लेकिन विडंबना यह कि इस रिजल्‍ट को सुनने के लिए अविनाश इस दुनिया में नहीं हैं. बेटे की इस सफलता के बावजूद परिवार में मातम है.

दरअसल, रिजल्ट आने से महज छह दिन पहले कोरोना ने अविनाश की जान ले ली थी. बीते 24 जून को ही अविनाश ने दुनिया को अलविदा कह दिया था. दो भाइयों में छोटे अविनाश 24 अप्रैल से ही संक्रमित चले आ रहे थे. बड़े भाई अभिषेक उपाध्याय रेलवे में सीनियर लोको पायलट हैं.

25 दिसंबर 1991 को जन्मे अविनाश बचपन से मेधावी थे. इन्होंने भोपाल टीआइटी से इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन से बीटेक किया था. इंजीनियरिंग की फाइनल परीक्षा में स्टेट में वे सेकंड टापर बने थे. अविनाश के चाचा नीलेश उपाध्याय ने  बताया कि कैंपस सेलेक्शन में अच्छा पैकेज मिलने के बावजूद अविनाश ने नौकरी नहीं की थी. उन्होंने सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की थी. सिविल सर्विस में जाकर लोगों की सेवा करने का जूनून उसपर सवार था. लेकिन पीएससी मेंस में बाजी मारने के बावजूद भी अविनाश अपने सपने को पूरा नहीं कर सका. क्योंकि, कोरोना ने उसकी सांसे छीन ली. बीते 24 जून को इलाज के क्रम में उनकी  मौत आरा शहर के निजी अस्पताल में हो गई गईं थी. 

चाचा ने कहा कि उनके परिवार ने एक चमकता सितारा को जगमगाने से पहले खो दिया. अविनाश के मित्र निशि कांत राय कहा कि पिछले लगभग सवा महीने से लगातार हम उसके ठीक होने की उम्मीद कर रहे थे . अपने स्तर से प्रयास भी किया. लेकिन,सारे प्रयासों पर एक झटके में पानी फि‍र गया. पढ़ाई के समय ही अच्छी नौकरी का ऑफर मिला था लेकिन उसे स्वीकार नहीं कर यूपीएससी की तैयारी करने दिल्ली चला गया था. मुखर्जी नगर में रहते हुए ही कोरोना से संक्रमित हो गया था.

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