नालंदा: मैट्रिक में फर्स्ट डिवीजन पास होने पर जज ने दिया अनोखा इनाम, दोनों भाइयों को मारपीट व गोलीबारी के मामले से किया मुक्त

बिहारशरीफ: गैर कानूनी कार्यों में लिप्त पाए गए किशोरों को सुधार का भरपूर मौका देने के लिए चर्चित किशोर न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी ने सोमवार को एक और प्रेरक फैसला सुनाया है. इस फैसले से 2019 में दीपनगर थाने में मारपीट व गोलीबारी के मामले में नामित दो किशोरवय के भाइयों की जिंदगी संवर सकती है.

कोर्ट ने किशोरों के विक्षिप्त पिता और बीमार मां के इलाज की भी फिक्र की है. गरीबी को देखते हुए राशन कार्ड और प्रधानमंत्री आवास दिलाने का निर्देश दिया है.

दरअसल, किशोर भाइयों में छोटे ने पिछली बार जमानत मिलते वक्त कोर्ट में न्यायाधीश के सामने वादा किया था कि वह लगन से पढ़ाई करेगा और मैट्रिक में अच्छा रिजल्ट लाकर दिखाएगा. 2021 की परीक्षा में उसने ऐसा कर दिखाया, 77 फीसद अंक से मैट्रिक पास कर ली. वहीं अपना आचरण भी सही रखा. केस के आईओ ने भी रिपोर्ट की मारपीट के एक मामले के अलावा दोनों किशोर किसी अन्य मामले में संलिप्त नहीं पाए गए हैं. वहीं किशोर भाई में बड़े ने आगे स्वरोजगार की इच्छा जताई. इस पर जज ने उसे निशुल्क स्किल डेवलपमेंट कोर्स करवाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया.

छोटा भाई अंग्रेजी में इंटर करने का इरादा बताया तो जज ने बिहारशरीफ के धनेश्वरघाट स्थित कोचिंग संचालक अविनाश गिरी को किशोर की पहचान छिपाते हुए अंग्रेजी पढ़ाने तथा धनेश्वर घाट के ही शिक्षक मनोज कुमार को साइंस पढ़ाने का निर्देश जारी जर दिया. जज श्री मिश्र ने किशोर के कोचिंग की फीस अपनी जेब से देने की बात कही है. बता दें कि दीपनगर थाना क्षेत्र के जिस गांव के जिस परिवार में कोर्ट के आदेश से जो उम्मीद के दीप जले हैं, वह महादलित वर्ग का है.

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