देश में Delta Plus Variant का बढ़ा रहा है खतरा, अब तक 4 राज्यों में मिले करीब 40 केस

देश में एक ओर जहां कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेजी से कम हो रहे हैं, तो दूसरी ओर कोरोना का डेल्‍टा प्‍लस वेरिएंट (Corona Delta Plus Variant) चिंता बढ़ा रहा है. इस जानलेवा वेरिएंट के मामलों में अब बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. सरकारी सूत्रों के अनुसार कोरोना का यह खतरनाक वेरिएंट अब 4 राज्‍यों में फैल चुका है. इन राज्‍यों में अब तक इसके कुल 40 मामलों की पुष्टि हुई है. ये राज्‍य हैं- तमिलनाडु, केरल, महाराष्‍ट्र और मध्‍य प्रदेश. सूत्रों का कहना है कि यह वेरिएंट लगातार चिंता का विषय बना हुआ है.

महाराष्ट्र के 21 मामलों को मिलाकर मंगलवार तक डेल्टा प्लस वैरिएंट के करीब 25 मामले दर्ज हुए थे जिनमें केरल और मध्य प्रदेश के मामले भी शामिल थे. अब इस लिस्ट में तमिलनाडु का नाम भी जुड़ चुका है. न्यूज एजेंसी एएनआई ने सरकार के सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है.

इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि भारतीय सार्स सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) ने सूचना दी थी कि डेल्टा प्लस स्वरूप वर्तमान में चिंताजनक स्वरूप (वीओसी) है, जिसमें तेजी से प्रसार, फेफड़े की कोशिकाओं के रिसेप्टर से मजबूती से चिपकने और ‘मोनोक्लोनल एंटीबॉडी’ प्रतिक्रिया में संभावित कमी जैसी विशेषताएं हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को कहा कि भारत उन दस देशों में से एक है, जहां अब तक डेल्टा प्लस वैरिएंट मिला है. उन्होंने कहा कि 80 देशों में डेल्टा वैरिएंट दस्तक हो चुका है. वहीं कोरोना का डेल्टा प्लस वैरिएंट भारत के अलावा, अमेरिका, ब्रिटेन, पुर्तगाल, स्विट्जरलैंड, जापान, पोलैंड, नेपाल, चीन और रूस में मिला है.

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि मोटे तौर पर, दोनों भारतीय टीके – कोविशील्ड और कोवैक्सीन – डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी हैं, लेकिन वे किस हद तक और किस अनुपात में एंटीबॉडी बना पाते हैं, इसकी जानकारी बहुत जल्द साझा की जाएगी. उन्होंने कहा कि अभी इस वैरिएंट का असर संख्या के लिहाज से काफी छोटा दिखता है और हम नहीं चाहते कि इसमें बढ़ोतरी आए. 

महाराष्ट्र के रत्नागिरी, जलगांव और मुंबई में इस वैरिएंट के मामले सामने आ चुके हैं. वहीं केरल के दो जिले- पलक्कड़ और पथनमथिट्टा में डेल्टा प्लस वैरिएंट की एंट्री हो चुकी है. इसके अलावा मध्य प्रदेश के भोपाल में इस वैरिएंट का पहला केस सामने आया था.

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