शाहनवाज हुसैन ने कहा- बिहार बनेगा उद्योग का केन्द्र, नालंदा में 528 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव

नालंदा: बिहार में उद्योग का जाल फैलाने को लेकर सरकार मिशन मोड में काम कर रही है. बिहार के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास तेजी से होगा, जिसमें उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं हैं और नीतीश कुमार सरकार को निवेशकों से हजारों करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं.

नालंदा जिले के नूरसराय में एक समारोह में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए शाहनवाज ने कहा कि सरकार को 6199 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. जिसमें से 528 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव नालंदा (मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला) के लिए हैं.

शाहनवाज हुसैन ने कहा कि बिहार के हर जिले में औद्योगिक विकास होगा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार का ये कार्यकाल बिहार में उद्योगों की स्थापना और रोजगार-स्वरोजगार का स्वर्णिम कार्यकाल होगा. उद्योग मंत्री ने कहा कि उनके विभाग द्वारा प्रदेश के सभी वर्ग के युवा और महिलाओं और ट्रांसजेंडर को भी उद्यमी बनने की बेहतर योजनाएं लाई गई हैं. उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति और अति पिछड़ा वर्ग के युवा-युवतियों के लिए मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति-जनजाति और अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना है और सामान्य और पिछड़े वर्ग के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना और सामान्य वर्ग की महिलाओं व ट्रांसजेंडर के लिए मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना शुरू की गयी है.

इथेनॉल उत्पादन के लिए सबसे ज्यादा निवेशक
उद्योग मंत्री ने बताया कि सबसे ज्यादा इथेनॉल उत्पादन के लिए निवेशक बिहार आ रहे हैं. बिहार सरकार हर जिले में उद्योग की कम से कम 200 इकाइयां लगाने पर काम कर रही है. ‘वन डिस्टिक वन प्रोडक्ट’ के फार्मूले को लागू किया किए जाने पर काम चल रहा है. मुख्यमंत्री उद्यमी योजनाओं के तहत बिहार के युवा, युवती और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार करने के लिए प्रोत्साहित करने पर काम किया जा रहा है.

नालंदा के लिए 528 करोड़
शाहनवाज हुसैन ने यूपीवीसी मैनुफैक्चरिंग यूनिट के उद्घाटन के दौरान नालंदा में ये बातें कही. उन्होंने कहा कि नालंदा में उद्योगों के लिए भी कई निवेश प्रस्ताव आए हैं. करीब 528 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सिर्फ नालंदा के लिए मिले हैं. 528 करोड़ में 428 करोड़ का निवेश प्रस्तावित इथेनॉल सेक्टर से जुड़ा है, जबकि अन्य फूड प्रोसेसिंग टेक्सटाइल दूसरे उद्योगों के लिए है.

5100 लाभुकों का किया गया चयन
मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति जनजाति उद्यमी योजना के तहत 5100 लाभुकों का चयन किया गया है. उन्हें स्वरोजगार की राशि भी उपलब्ध कराई गई है. वहीं मुख्यमंत्री अति पिछड़ा उद्यमी योजना के अंतर्गत 1918 लाभुकों का चयन किया गया है. उद्योग मंत्री ने कहा उद्यमी योजना आने वाले दिनों में मील का पत्थर साबित होगा.

हाल ही में दिया था बयान
बता दें कि इससे पहले भी शानवाज हुसैन बिहार में रोजगार को बढ़ावा देने की बात कहते रहे हैं. बीते दिनों उन्होंने कहा था कि बिहार के इथेनॉल से जुड़े जो भी किसान हैं. उनके साथ-साथ बिहार के सभी किसानों को लाभ मिले इसके लिए लगातार सरकार कार्य कर रही है. वहीं, इथेनॉल का इस्तेमाल ईंधन के रूप में हो इसे लेकर भी कार्य चल रहा है. कई कंपनियों से बात भी हुई है जो उसका इस्तेमाल ईंधन के रूप में करेंगे.

इथेनॉल से चलने वाली मोटरसाइकिल का होगा निर्माण
उद्योग मंत्री ने कहा था कि मोटरसाइकिल बनाने वाली एक कंपनी सिर्फ इथेनॉल से ही चलने वाली मोटरसाइकिल का निर्माण करेगी, जो बहुत जल्द भारत में लॉन्च होगी. उद्योग विभाग लगातार बिहार में नया उद्योग स्थापित करने का प्रयास कर रहा है, ताकि बिहार में अधिक से अधिक उद्योग लगे और अधिक से अधिक लोगों को रोजगार भी उपलब्ध हो सके.

बता दें कि 19 मार्च 2021 को बिहार में इथेनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति 2021 लॉन्च की गई थी. इस नीति के तहत बिहार में गन्ना, मक्का, टूटे चावल और सड़े हुए अनाज से इथेनॉल का उत्पादन किया जा सकेगा. वहीं, सूबे के 38 जिलों में प्लांट लगाए जाने की योजना है. एक इथेनॉल की इकाई लगाने के लिए विभाग के तरफ से कोई बाध्यता नहीं है. हालांकि, जानकारी के लिए न्यूनतम 10 से 15 एकड़ जमीन की आवश्यकता है. जिसमें करीब 100 से 120 करोड़ रुपए की लागत में इकाई शुरू होगी. किसी भी उद्यमियों या निवेशक को विभाग के चक्कर नहीं लगाने पड़े, इसकी तैयारी भी विभाग ने कर रखी है.

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