नालंदा: शौचालय में रहने को मजबूर दादी-पोती, बीडीओ ने घूस नहीं देने पर काटा आवास योजना से नाम

नालंदा: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो विकास के किसी भी किस्म के भ्रम और दावे को चकनाचूर करने के लिए काफी है. जिले करायपरसुराय प्रखंड में बुजुर्ग महिला कौशल्या देवी और उनकी पोती को एक घर तक नसीब नहीं है. आलम यह है कि शरीर को झुलसाने वाली गर्मी से बचने के लिए दादी और पोती एक सार्वजनिक शौचालय में दिन गुजार रही हैं.

नालंदा जिले मकरौता पंचायत के गांव दिरीपर वार्ड नंबर 3 में कौशल्या देवी और उनकी पोती सार्वजनिक शौचालय में जिंदगी गुजार रही हैं. गौर करने वाली बात यह है कि दिरीपर के बगल का गांव मौजूदा विधायक कृष्ण मुरारी शरण का है. कौशल्या देवी का इस दुनिया में कोई देखने वाला नहीं है. और ना ही उसे किसी भी प्रकार का सरकारी की लाभ मिल रहा है.

दादी पोती शौचालय में रहने के लिए मजबूर है. उसका यही ठिकाना है। 10 साल की पोती के सिर से माता पिता का साया पहले ही उठ चुका है. लाचार दोनों दादी पोती अपने गांव में घर-घर खाना मांगकर जीवन यापन कर रही हैं. कौशल्या देवी और उनकी पोती सपना कुमारी ने बताया परिवार के कमाऊ सदस्य के नहीं रहने के कारण मजबूरन भीख मांग कर किसी तरह से तो जिंदगी काट रही है. धूप और पानी से बचने के लिए महिला ने शौचालय में रहकर जीवन यापन कर रही, इसे ही अपना आशियाना बना लिया है.

दुखद बात यह है कि आशियाना तो छोड़िए उसे किसी किस्म की सरकारी योजना का लाभ भी नहीं मिल पाता है, ताकि कमसे कम वह अपना पेट पाल सके. पूछने पर कौशल्या देवी ने बताया उनका पति, बेटा, बहू दुनिया छोड़ चुके हैं. उनको अब कोई देखने वाला नहीं है. किसी मुखिया, सरपंच या विधायक ने आज तक उसे किसी योजना का लाभ तक नहीं दिलाया. इधर-उधर से भीख मांग कर अपना किसी तरह काम चलाती है और इसी शौचालय में रहकर गुजर-बसर करती है.

पूर्व मुखिया रबीश कुमार ने बताया कि 2017 में आवास योजना में कौशल्या देवी का नाम आवास योजना में आया था. तत्कालीन आवास पर्यवेक्षेक ने आवास योजना का लाभ दिलाने के एवज में कौशल्या देवी से नकदी की डिमांड की थी. गरीब होने के चलते कौशल्या देवी पैसे नहीं दे पाईं, इसलिए शुद्धिकरण के बहाने इनका नाम काट दिया गया. इनके घर में कोई जेंट्स नहीं है. कौशल्या देवी 75 वर्ष की हैं और उनकी पोती करीब आठ साल की हैं.

पूर्व मुखिया ने कहा कि कौशल्या देवी की बात प्रखंड में कई बार उठाया जा चुका है. अधिकारी प्रेमराज, मीनु श्रीवास्तव समेत तीन बीडीओ आ चुके हैं. उनसे कई बार इनकी बात रखी जा चुकी है लेकिन बिना नकदी दिए कोई बात नहीं सुना.

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