औरंगाबाद: 500 रुपए नहीं देने पर कैदी को सिपाही ने अपराधी संग मिलकर जानवरों की तरह पीटा, मारे 100 डंडे

औरंगाबाद: जिले के दाउदनगर उपकारा में बंद कैदी विकास कुमार को जेल से रिहा करने से पहले जमकर पिटाई करने का मामला प्रकाश में आया है. पीड़ित ने जमानत के कागजात पर साइन किये जाने के एवज में 500 रुपये नहीं देने पर जेल के सिपाही और एक कुख्यात कैदी पर पिटाई का आरोप लगाया है.

यहां सिपाही रंजीत कुमार और किसी दूसरे कांड में बंद कैदी पिट्टू यादव ने उसे पीटा. उसके पीठ, बांह और पैर पर जमकर लाठी से वार किया गया जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया. वहीं बुरी तरह से घायल युवक का इलाज सदर अस्पताल में कराया गया है .

घायल विकास ने बताया कि 31 मई को शराब पीने के एक मामले में जेल भेजा गया था. वह दाउदनगर कारा में बंद था. मंगलवार को उसकी जमानत होने के बाद उसका भाई बेल बॉन्ड साइन कराने के लिए दाउदनगर जेल पहुंचा था.

जेल के सिपाही आरके यादव को उसके जमानत होने की जानकारी मिल गई थी, जो कि गेट पर तैनात है. साइन होने से पहले उसने ₹500 देने को कहा तो विकास ने देने से मना कर दिया उसने कहा कि वह जेल में बंद है. उसके पास पैसे नहीं है. उसके भाई को जेल गेट के बाहर घंटों इंतजार कराया गया.

वहीं शाम में उसके भाई ने गेट पर तैनात सिपाही को 100 रुपये दिये. बुधवार को उसका भाई जब रिहाई को लेकर दाउदनगर कारा पर आया तो देखा कि उसकी जमकर पिटाई की गई. पैसे नहीं देने और गलत का विरोध करने के कारण उसकी यहां पिटाई की गई. यहां सिपाही रंजीत कुमार और किसी दूसरे कांड में बंद कैदी पिट्टू यादव ने उसे पीटा. उसके पीठ, बांह और पैर पर जमकर लाठी से वार किया गया जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया.

उसने जेल प्रशासन के कई लोगों से इसकी शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. उसे दिन में खाने के लिए कुछ भी नहीं दिया गया. देर शाम उसे यहां से रिहा किया गया.

वहीं इस पूरे मसले पर एसपी सुधीर कुमार पोरीका ने बताया कि मामला जेल से संबंधित है. जेल अधीक्षक को जांच करने के लिए कहा जाएगा. किसी के साथ भी अनावश्यक मारपीट की बात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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