बेगूसराय में जान पर भारी पड़ा एक ग्लास पानी: दिव्यांग को जान देकर चुकानी पड़ी पानी की कीमत, जानें पूरा मामला

बेगूसराय:  एक ग्लास पानी किसी इंसान के जान से भी महंगी हो सकती है? कम से कम बेगूसराय के छौडाही ओपी क्षेत्र में घटी घटना तो इस बात की तस्दीक कर ही रही है जहां एक दिव्यांग को एक गिलास पानी पीने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी.

बिना पूछे पानी पी लेने से गुस्साए दिव्यांग के ग्रामीण ने ही जलकर से घर तक बेरहमी से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया. इलाज के दौरान शुक्रवार को दिव्यांग की मौत हो गई. घटना छौड़ाही ओपी क्षेत्र के बड़ैपुरा गांव के कुरहा जलकर की है. दिव्यांग की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है . छौड़ाही पुलिस एक आरोपित को गिरफ्तार कर कार्रवाई में जुटी हुई है.

मिली खबर के अनुसार मृतक छोटेलाल साहनी की पत्नी मिथलेश देवी ने बताया कि दो दिन पहले गांव के कुरहा में कुछ लोग मछली निकालने गये थे. उनके दिव्यांग पति भी मछली लाने गये थे. तेज धूप होने के कारण छोटेलाल सहनी ने बड़ैपुरा गांव के निवासी दिनेश साहनी की गिलास में पानी पी लिया. अपनी गिलास में पानी पीता देख दिनेश साहनी ने दीपक साहनी के साथ छोटेलाल सहनी को लाठी डंडा से पीट-पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया.

मारपीट के बाद अन्य ग्रामीणों के सहयोग से छोटेलाल अपने घर आये, जिसके बाद घर वालों ने उनको इलाज के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने पीएमसीएच पटना के लिए रेफर कर दिया. जहां ब्रेन हैमरेज के कारण उनकी मौत हो गयी.

आर्थिक रूप से कमजोर रहने के कारण ग्रामीणों ने चंदा कर दिव्यांग छोटे लाल सहनी का इलाज कराया था. उनकी मौत के बाद ग्रामीणों के सहयोग से दाह संस्कार की भी व्यवस्था की जा रही है.

ग्रामीणों का कहना था कि एक गिलास पानी पी लेने की सजा मौत नहीं हो सकती है. यह जघन्य अपराध है. हत्या आरोपित को जल्द से जल्द पुलिस गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सजा दिलवाले का काम करें.

पूरे मामले पर छौड़ाही ओपी अध्यक्ष राघवेंद्र कुमार ने बताया कि एक हत्यारोपी दिनेश सहनी को गिरफ्तार किया गया है. घटना को गंभीरता से लिया गया है. बचे हुए सभी हत्या आरोपितों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. मृतक के स्वजनों को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है.

You might also like

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More