नालंदा: दुष्कर्म के चौथे दिन विधवा महिला ने ससुराल में की खुदकुशी, डॉक्टर पर दुष्कर्म का लगा था आरोप

बिहार के नालंदा से दुष्कर्म के चौथे दिन एक विधवा की खुदकुशी का झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. विधवा ने 22 मई को ही ससुराल में खुदकुशी कर ली लेकिन स्वजनों ने मामले को छिपाए रखा और चुपके से उसका दाह-संस्कार भी कर दिया. इधर, दुष्कर्म मामले की तफ्तीश के दौरान अंतत: 27 मई को मामला संज्ञान में आया. हालांकि पुलिस अभी मौत की पुष्टि नहीं कर रही है. मृतका की ससुराल पटना जिला के शाहजहांपुर थाना क्षेत्र है.

याद दिला दें कि बीती 18 मई को नगरनौसा थाना क्षेत्र के खीरू बिगहा बाजितपुर में आरएमपी चिकित्सक जितेन्द्र कुमार से इलाज कराने आई विधवा ने उस पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था. इसके बाद भीड़ ने आरएमपी चिकित्सक की जमकर पिटाई कर दी थी. इत्तेफाक से हिलसा थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद दल-बल समेत गांव के नजदीक ही थे. वे सूचना मिलते मौके पर पहुंच गए थे और भीड़ से चंगुल से उसकी जान बचाई थी. नगरनौसा थाने में उस पर दुष्कर्म का केस हुआ. आरोपी फिलहाल जेल में है. 

बता दें कि घटना वाले दिन ही दुष्कर्म की पुष्टि के लिए विधवा की मेडिकल जांच करवाने के लिए उसे नगरनौसा थाना पुलिस की अभिरक्षा में जिला अस्पताल ले जाया गया था. लेकिन वहां पहुंचकर उसने जांच करवाने से इनकार कर दिया था. इसके बाद रात में उसे पुलिस ने उसके घर पहुंचा दिया था.

क्या था मामला

महिला ने बीती 18 मई को ग्रामीण चिकित्सक जितेंद्र कुमार पर क्लिनिक में ही दुष्कर्म का आरोप लगाकर भीड़ जुटा ली थी. खीरू बिगहा, सुल्तान पुर, घोसी आदि गांवों से जुटी भीड़ ने जमकर चिकित्सक की पिटाई कर दी थी. हिलसा पुलिस ने उसकी जान बचाई थी.

पुलिस निरीक्षक, चंडी अंचल, (नालन्दा) कन्हैया सिंह ने कहा कि कथित पीड़िता ने मेडिकल जांच कराने से इनकार किया था. कोर्ट बंद रहने के कारण पीड़िता का बयान भी नहीं हो पाया था. मौत की सूचना नहीं है. लेकिन कथित पीड़िता की मौत हो जाने पर साक्ष्य के अभाव में अनुसंधान की दिशा बदल सकती है.

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