बिहार के युवाओं को स्वरोजगार के लिए 1 जून से 10 लाख का लोन देगी नीतीश सरकार

पटना: बिहार में कोरोना के कहर के कारण तालाबंदी की गई है. लोग बहुत ही परेशान है कोरोना के कारण किसी तरह का रोजगार नहीं चल रहा है. इसी तरह से परेशानियों को देखते हुए बिहार सरकार ने युवाओं के लिए फैसला लिया है. कैबिनेट से स्वीकृत हुई मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना को 1 जून 2021 से लागू करने की तमाम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

बिहार के युवकों और युवतियों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के मकसद से प्रस्तावित इन योजनाओं के तहत अभ्यर्थियों के आवेदन और उसके निष्पादन के लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाने का कार्य पूरा कर लिया गया है. इसके अलावा बिहार में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए पहले से चल रही दो योजनाओं (मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना) के तहत भी नए सिरे से आवेदन मंगाए जाएंगे. यानी पूरे बिहार के युवक-युवतियों के लिए सरकारी सहायता प्राप्त कर स्वरोजगार शुरू करने या उद्योग लगाने के जबरदस्त अवसर उपलब्ध होंगे.

इन सभी चार योजनाओं को मिलाकर बिहार के सभी वर्ग के युवा-युवतियों के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक का लोन बिना किसी ब्याज या लगभग न के बराबर ब्याज (सिर्फ 1 प्रतिशत) पर सरकार की तरफ से मुहैया कराया जाएगा. यानी बिहार के नए उद्यमियों के लिए बहुत बड़ा अवसर होगा और आत्मनिर्भर बिहार के लक्ष्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी.

राशि का आवंटन

आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 के अंतर्गत स्वीकृत दोनों नई योजनाओं – मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लिए 200-200 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी दे दी गई है. उद्योग विभाग (@IndustriesBihar ) द्वारा संचालित सभी चार उद्यमी योजनाओं के लिए वित्तीय वर्ष 2021 -22 के लिए लक्ष्य दो हजार इकाई का रखा गया है. इसके अलावा राशि व्यय के आधार पर लक्ष्य को बढ़ाया भी जा सकता है.

1% ब्याज पर लोन

योजनाओं में मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के तहत लाभुकों को उद्योग लगाने के लिए परियोजना लागत का 50% – अधिकतम रुपए 5 लाख तक का अनुदान और 50% अधिकतम रुपए 5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा. जबकि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत परियोजना लागत का 50% – अधिकतम रुपए 5 लाख तक का अनुदान और 50% अधिकतम रुपए 5 लाख तक सिर्फ 1 प्रतिशत ब्याज सहित ऋण दिया जाएगा.

कैबिनेट की मिल चुकी है मंजूरी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के सात निश्चय संकल्प के तहत बिहार में रोजगार सृजन और आत्म निर्भर बिहार के निर्माण हेतु पहले से ही मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजनाएं सफलता पूर्वक चल रही हैं. इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए उद्योग विभाग द्वारा तैयार मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना को कैबिनेट की स्वीकृति दी गई और इसे अब जल्द से जल्द लागू करने की तैयारी है.

अविलंब राशि उपलब्ध करवाने की तैयारी

1 जून 2021 से मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, इन दोनों योजनाओं को लागू करने की तैयारी है. लाभुकों के चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और ये सुनिश्चित किया जाएगा कि चयन प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरा करने के साथ लाभुकों को सहायता राशि की उपलब्धता अविलंब हो.

पात्रता के लिए यह है शर्त

मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के लिए पात्रता सभी वर्गों की महिलाओं के लिए है और बस इतना जरूरी है कि आवेदनकर्ता बिहार की निवासी हो और 12वीं या इंटरमीडिएट पास हो. वहीं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लिए पात्रता है कि आवेदनकर्ता पुरुष सामान्य और पिछड़ा वर्ग से हो और बिहार की निवासी होने के साथ 12वीं या इंटरमीडिएट पास हो. जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अति पिछड़ा वर्ग के लिए उद्यमी योजना पहले से ही लागू है.

युवाओं को स्वाबलंबी बनाना लक्ष्य

बिहार के युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देना, सरकार की तरफ से हर संभव मदद देकर युवाओं को स्वरोजगार के लिए तैयार करना, स्वाबलंबी बनाना सरकार का लक्ष्य है. उद्योग विभाग का दावा है कि बिहार के हर वर्ग के युवक-युवतियों को बढ़ते बिहार, आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण में भागीदार बनाया जाएगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  के सात निश्चय-2 (2020-25) के संकल्पों के तहत राज्य में अप्रत्याशित रोजगार सृजन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी.

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