नालंदा जिला अदालत का अनोखा फैसला: उम्र कैद की सजा काट रहे युवक को बच्चे पैदा करने के लिए कोर्ट ने दी 15 दिन की पैरोल

नालंदा जिला न्यायालय ने वर्ष 2012 से उम्र कैद की सजा काट रहे युवक को संतान पैदा करने के लिए पैरोल पर जेल से बाहर निकलने का आदेश दिया है. 2012 से उम्र कैद की सजा काट रहे युवक को संतान पैदा करने के लिए कोर्ट ने 15 दिन की पैरोल दी है. दोषी की पत्नी ने पैरोल के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी.

कोर्ट ने संतान उत्पत्ति को उसका मौलिक अधिकार माना है. अभियुक्त प्रेमिका की हत्या के जुर्म में वर्ष 2012 से जेल में कैद है. निचली अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. कानूनी मामले के जानकारों ने बताया कि बिहार में इस तरह के मामले में पेरोल मिलने का यह पहला आदेश है. अभी तक स्वजनों के अंतिम संस्कार, शादी-विवाह जैसे मुद्दे पर बंदियों को पेरोल मिलती रही है.

आजीवन कारावास भुगत रहा युवक रहुई प्रखंड के उत्तरनावां गांव निवासी विक्की आनंद है. 2012 में हत्याकांड में गिरफ्तारी के वक्त उसकी उम्र 26 साल थी. वारदात के छह माह पूर्व की ही उसकी शादी हुई थी. उसकी पत्नी रंजीता पटेल ने अधिवक्ता गणेश शर्मा के माध्यम से पटना हाईकोर्ट में संतानोत्पत्ति के लिए पति को पेरोल पर देने के लिए 2019 में याचिका दाखिल की थी. इस आधार पर सजायाफ्ता को संतान उत्पत्ति के लिए पेरोल पर रिहा करने का आदेश पटना उच्च न्यायालय के जज राजीव रंजन ने दिया है.

उल्लेखनीय है कि जेल में बंद बंदियों के हितों की रक्षा, उनके कानूनी अधिकार के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार नालंदा द्वारा नियुक्त जेल विजिटर अधिवक्ता देवेंद्र शर्मा की सलाह पर बंदी की पत्नी रंजीता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.

विक्की प्रेम का नाटक दूसरी लड़की से कर रहा था और शादी परिवार वालों की पसंद की दूसरी लड़की से कर ली. शादी के बाद प्रेमिका उस पर साथ रखने का दबाव बनाने लगी. यह देख उसने उसे रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया. वर्ष 2012 में बहाने से बुलाकर उसे कमरे में बंद कर दिया और शरीर में आग लगा दी. गंभीर हालत में युवती को पीएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मरने के पहले युवती ने पुलिस को बयान दिया था कि विक्की ने ही उसे जलाया है. विक्की आनंद ने अपनी प्रेमिका को जलाकर मार डाला था.बिहार थाना पुलिस ने अरोपित विक्की को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया. कोर्ट ने सुनवाई के बाद उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई. यह घटना विक्की की शादी के छह माह बाद हुई थी और उसकी पत्नी को संतान नहीं हुई थी.

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