जमशेदपुर: टाटा स्टील के कर्मचारी ने पत्नी और दो बेटियों समेत ट्यूशन शिक्षिका की गला रेतकर की निर्मम हत्या, आरोपी फरार

झारखंड के जमशेदपुर में टाटा स्टील के अग्निशामक व‍िभाग में कार्यरत दीपक कुमार ने कदमा स्थित अपने आवास पर चार लोगों की हत्या कर दी और अपने एक दोस्त और उसकी पत्नी को घायल कर फरार हो गया. पुलिस दीपक को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है. यही दीपक अपने बुलेट मोटरसाइकल के साथ फरार है. 

यह हत्याकांड कई सवालों को जन्म देता है कि पत्नी और बच्चे को मारने के बाद शिक्षिका की क्यों हत्या की और उसकी हत्या कर के पलंग के बॉक्स में क्यूं डाला. कहीं मामला हत्या को देख लेने का तो नहीं है. शिक्षिका ने हत्या करते दीपक को देख लिया था और दीपक ने इसी कारण उसकी भी हत्या कर दी हो. सारा मामला दीपक के गिरफ्तारी के बाद ही पता चल पाएगा.

कदमा तिस्ता रोड क्वार्टर नम्बर 97 में चार लोगों की बड़े ही निर्मम तरीके से गला काट कर हत्या कर दी गई है. कथित रूप से हत्या का अभियुक्त टाटा स्टील के फायर ब्रिगेड का कर्मचारी दीपक कुमार सोमवार दोपहर को अपनी पत्नी वीणा कुमारी और अपने दोनों बच्चों एवं बच्चों के ट्यूशन टीचर रिंकी घोष 22 वर्ष की हत्या करने के बाद से फरार हो गया है. 

घटना के बाद जब मौके पर रोशन सिंह अपनी पत्नी के साथ पहुंचा तो दीपक ने उसे और उसकी पत्नी पर हथौड़े से हमला करके उसे भी घायल कर दिया. रोशन व उसकी पत्नी टीएमएच हॉस्पि‍टल में भर्ती हैं. सूचना मिलते ही एसएसपी डॉ. तमिल वानन व सिटी एसपी सुभाष चन्द्र जाट मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है.

जमशेदपुर के एसएसपी तमिल वणन ने बताया क‍ि शाम को 6 बजे पुलिस को सूचना मिली कि हत्या हुई है. हम लोगों ने आकर देखा तो कुल चार बॉडी मिली है. दीपक कुमार फरार है. हर एंगल पर पुलिस जांच कर रही है और जल्द से जल्द दीपक को ग‍िफ्तार किया जाएगा.

घटना की जानकारी कदमा पुलिस को शाम 4 बजे मिली. उसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची. घटना के बाद फरार हुआ दीपक सभी शव को कमरे में बंद करके बाहर से ताला लगाकर अपनी बुलेट मोटरसाइकिल से फरार हो गया है. पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो दरवाजा तोड़कर भीतर गई. भीतर सभी के शव पड़े हुए थे. रिंकी का शव सामने वाले बेडरूम के बॉक्स पलंग में छ‍िपाकर रख दिया गया था. 

परिवार के लोगों का कहना है कि ट्यूशन टीचर रिंकी घोष सुबह के 11 बजे ट्यूशन पढ़ाने के लिए दीपक के घर गई थी. उसके बाद वह साढ़े 12 बजे तक अपने घर नहीं पहुंची तो परिवार के लोगों ने उसकी खोज शुरु की. बाद में थाना को सूचना दी गयी. परिवार वालों ने बताया कि रिंकी व‍िगत दो सालों से दीपक के बच्चों को पढ़ा रही है.

मृतका वीणा के भाई ने बताया क‍ि उसकी बहन का सारा जेवर हम लोगों के पास था. आज सुबह जीजा घर आ कर सारा जेवर ले गया और कहा क‍ि घर की रजिस्ट्री करनी है,  पैसों की जरूरत होगी लेकिन किसको पता था कि वो इतनी बड़ी घटना को अंजाम देगा. बहन की उम्र 35 साल थी और दोनों बच्ची का उम्र करीबन 5 साल ओर 12 साल की थी.

मृतका रिंकी की मां बब‍िता ने बताया क‍ि हमको नहीं पता कि क्या हुआ है? हर दिन की तरह आज भी हमारी बेटी ट्यूशन पढ़ाने 11 बजे गई थी. जब वो 3 बजे तक नहीं तो हम लोग खोजने निकले. हम लोगों को लगा क‍ि स्कूटी ले कर जाती है, कहीं एक्सीडेंट हुआ होगा तो हम लोग हॉस्प‍िटल भी गए, बाद में फिर दीपक के घर आए तो पुलिस ने घर का ताला तोड़ा तो बॉडी मिली.

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