नीतीश सरकार का बड़ा फैसला: स्कूल-कॉलेज 11 अप्रैल तक बंद, सार्वजनिक आयोजनों पर भी प्रतिबंध

बिहार में कोरोनावायरस की दूसरी लहर के कारण संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी स्कूल-कॉलेज व कोचिंग संस्थानों को 11 अप्रैल तक के लिए बंद कर दिया गया है. सभी तरह के सार्वजनिक आयोजनों पर भी अगली सूचना तक रोक लगा दी गयी है.

मुख्यमंत्री ने शनिवार की शाम को एक अणे मार्ग में समीक्षा बैठक बुलाई थी. इस मौके पर उन्होंने कहा कि बिहार में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के बढ़ते मामले को देखते हुए क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप स्कूलों को बंद रखने के बारे में विचार करे. नीतीश कुमार के आदेश के बाद क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक हुई. जिसमें फैसला लिया गया कि 11 अप्रैल तक स्कूल और कॉलेज के साथ-साथ सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे.

इस बैठक में सार्वजनिक समारोह को लेकर भी नई गाइडलाइन जारी की गई है, जिसमें शादी, ब्याह से लेकर श्राद्ध में भी सीमित लोगों को ही उपस्थित रहने का निर्देश जारी किया गया है. आपदा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि शुरुआती बंदी रखी गई है और आगे हालात जैसा रहेगा उसके हिसाब से फिर से फैसला लिया जाएगा.शादी-ब्याह में अधिकतम ढाई सौ और श्राद्ध में अधिकतम 50 लोग ही शामिल हो सकेंगे.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि बढ़ते मामले को ध्यान में रखते हुए पूरे राज्य में अधिक-से-अधिक जांच कराएं.आरटीपीसीआर जांच को और बढ़ाएं. जितनी अधिक जांच होगी, कोरोना संक्रमण के मामलों का पता चलेगा. कोरोना से लोगों को नुकसान नहीं पहुंचे, इसके लिए अलर्ट और एक्टिव रहें. साथ ही लोगों को कोरोना से सचेत रहने की जरूरत है. लोग सचेत रहेंगे तो कम से कम नुकसान होगा.

उन्होंने कहा कि कोविड-19 के लिए तैयार किये गये अस्पतालों में पूरी तैयारी रखें. टीकाकरण की संख्या बढ़ायें, ताकि अधिक से अधिक लोगों को यह दिया जा सके. मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि कोरोना के प्रति सजग रहें और इसकी गाइडलाइन का सख्ती से पालन करें. मास्क का प्रयोग जरूर करें.

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