लालू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई टली, 19 फरवरी को होगी अगली सुनवाई

लालू को एकबार फिर झटका लगा है, उन्‍हें जमानत नहीं मिल पाई है. सीबीआइ ने उनके जेल से बाहर निकलने का रास्‍ता शुक्रवार को एक बार फिर से रोक दिया है. लालू की जमानत पर अब अगले हफ्ते सुनवाई होगी. शुक्रवार को जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 19 फरवरी की तारीख मुकर्रर कर दी है.

झारखंड हाई कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव और सीबीआई से उनके अबतक के कुल कस्टडी दिवसों की सत्यापित प्रति मांगी है. इससे पहले उम्‍मीद की जा रही थी कि लालू को आज जमानत मिली तो वे जेल से बाहर आ जाएंगे. लालू यादव के अनुसार दुमका वाले मामले में वे 42 माह जेल में रहे. जबकि सीबीआई के अनुसार 37 माह 6 दिन. इस पर कोर्ट ने दोनों से कस्टडी के दिनों में होने वाले अंतर की सत्यापित आदेश की प्रति कोर्ट में जमा करने का आदेश दिया है.

झारखंड हाईकोर्ट में लालू की ओर से पैरवी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल सुनवाई में शामिल हुए. लालू के मामले की हाई कोर्ट के जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत में सुनवाई हुई. इससे पहले लालू यादव के वकील देवर्षि मंंडल ने दावा किया कि आज लालू यादव को जमानत मिल जाएगी और वे जेल से बाहर आ जाएंगे. बताया गया कि लालू प्रसाद ने 8 फरवरी को सजा की आधी अवधि 42 माह 13 दिन पूरे कर लिए हैं. इसी आधार पर उच्‍च न्‍यायालय से जमानत की मांग की गई है. इधर सीबीआइ ने लालू की जमानत का पुरजोर विरोध किया है.

चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर आज झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. यह मामला जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था. लालू प्रसाद ने दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में सजा की आधी अवधि पूरी करने का हवाला देते हुए जमानत देने का आग्रह किया है. इस मामले में लालू प्रसाद यादव को अदालत से सात साल की सजा मिली है.

अगर लालू प्रसाद यादव को अदालत से जमानत मिलती तो वे जेल से बाहर आ जाते. लालू प्रसाद के खिलाफ चारा घोटाले के पांच मामले चल रहे हैं. चार मामलों में उन्हें सजा मिली है. तीन मामलों में उन्हें पहले ही जमानत मिल गई है. जबकि डोरंडा कोषागार वाले मामले अभी सीबीआइ कोर्ट में सुनवाई चल रही है. लालू प्रसाद की ओर से दाखिल जमानत याचिका में कहा गया है कि दुमका कोषागार मामले में सजा की अवधि पूरा कर चुके है. ऐसे में उन्हें जमानत मिलनी चाहिए. लेकिन सीबीआइ इसका विरोध कर रही है. बता दें कि लालू प्रसाद का अभी दिल्ली स्थित एम्स में इलाज चल रहा है.

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