नालंदा: नाबालिग लड़की को जमीन खा गई या आसमान? कोर्ट ने SP से मांगा जवाब

नालंदा: ढाई साल से गायब नाबालिग लड़की को बरामद करने के लिए परिजनों की गुहार पर जिला किशोर न्याय परिषद ने नालंदा पुलिस को नोटिस जारी कर जानकारी मांगी है. न्याय परिषद ने इस मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए पुलिस से पूछा कि आखिर गायब हुई नाबालिग बेटी को धरती खा गई या आसमान निगल गया है.

जिला किशोर न्याय परिषद के प्रधान न्यायिक दंडाधिकारी मानवेंद्र मिश्र ने नालंदा एसपी से आगामी 10 फरवरी तक जिन 5 बिंदुओं का जवाब जानना चाहा है उसके अनुसार एसपी को यह बताने को कहा है कि आखिरकार नाबालिग लड़की गायब होने के बाद कहां गई?

पुलिस अनुसंधान पर भी सवालिया निशान उठाते हुए कहा है कि संविधान द्वारा नागरिकों को गरिमापूर्ण तरीके से जीने का अधिकार मिला है. पुलिस के इस उदासीन एवं धीमी अनुसंधान से यह लक्ष्य धूमिल हो रही है. कोर्ट ने एसपी से 5 बिंदुओं पर जवाब मांगा है.

इसके तहत कोर्ट ने पूछा है कि गायब हुई लड़की की बरामदगी के लिए अनुसंधानक ने अब तक क्या कार्रवाई की. दूसरी बाजार समिति से बरामद लाश की डीएनए जांच की ताजा स्थिति क्या है. अगर वह लाश निभा की नहीं है, तो फिर किसकी लाश थी. उस सिरकटी लाश का कोई अन्य दावेदार अब तक दावा पेश किया या नहीं. सिरकटी लाश के संबंध में पुलिस ने कोई यूडी केस दर्ज किया है अथवा नहीं. इस संबंध में अब तक की जांच रिपोर्ट देने को कहा है.

दरअसल, उक्त किशोरी 6 जुलाई 2018 से अभी तक लापता है. हालांकि, पुलिस ने लहेरी थाना क्षेत्र के बिहारशरीफ बाजार समिति परिसर से 19 जुलाई 2018 को एक युवती की सिरकटी लाश बरामद की थी, जिसके बाद किशोरी के पिता व अन्य परिवारों ने शव को देखकर हाथ पर जले का निशान, हाथ में बंधा लाल काला धागा आदि से पहचान भी की गई थी. पुलिस परिजनों की बात से संतुष्ट नहीं हुई थी. इसके बाद से आज तक लापता किशोरी को खोजने में पुलिस विफल साबित हो रही है.

लापता किशोरी की सूचना 1 सितंबर 2018 को न्यायालय में आवेदन दिया गया था, जिस पर कार्रवाई करते हुए न्यायालय ने 4 सितंबर 2018 को अनुसंधान पुलिस अधिकारी से जवाब मांगा था कि जिस किशोरी का शव मिला है, वह पीड़ि‍त की पुत्री का है या नहीं? डीएनए जांच के लिए सैंपल विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजी गई है या नहीं? इस मामले में पुलिस द्वारा केस डायरी में कोई उल्लेख नहीं किया गया है. इस तरह से नालंदा पुलिस के द्वारा ढाई साल बाद भी नाबालिग की बरामदगी नहीं कराई जा सकी और लापता किशोरी का गायब होना एक रहस्य बनकर रह गया.

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