लापरवाही: डॉक्टर ने नसबंदी के दौरान काटी महिला मरीज की आंत, फिर आनन-फानन में कर दिया रेफर

मुंगेर: बिहार के सरकारी अस्पताल कभी लापरवाही तो कभी अपने चिकित्सकों या स्वास्थ्यकर्मियों की उदासीनता को लेकर लगातार सुर्खियों में बना रहता है. चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है. अब ऐसा ही एक मामला मुंगेर में सामने आया है, जहां नसबंदी यानी बंध्याकरण कराने अस्पताल पहुंची एक महिला का ऑपरेशन के दौरान आंत ही काट दी गई.

आंत कटने के बाद महिला मरीज को आनन-फानन में भागलपुर रेफर कर दिया गया. इस घटना को लेकर महिला के परिजनों ने शुक्रवार देर शाम सदर अस्पताल के महिला वार्ड में हंगामा किया. साथ ही अस्पताल प्रबंधन और ऑपरेशन करने वाली महिला चिकित्सक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया.

सदर अस्पताल में शुक्रवार को कुल 18 महिलाओं का बंध्याकरण किया गया, जिसमें शहर के लालदरबाजा निवासी राजेश कुमार पासवान की पत्नी प्रगति देवी का भी बंध्याकरण ऑपरेशन अस्पताल की महिला चिकित्सक निर्मला गुप्ता द्वारा किया गया.

परिजनों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक द्वारा बताया गया कि प्रगति का चमड़ी मोटी है. स्टिच करने में दिक्कत हो रही है. इसके थोड़ी देर बाद बताया कि ऑपरेशन के दौरान प्रगति का आंत कट गया था, जिसे स्टीच कर ठीक कर दिया गया है.

ऑपरेशन के बाद प्रगति को वार्ड में एडमिट किया गया. इसी बीच रात लगभग 8:30 बजे एक नर्स ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान गलती से प्रगति का आंत कट गई. उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर करना होगा. इस सूचना के बाद परिजन अस्पताल परिसर में हंगामा करने लगे.

प्रगति को भागलपुर रेफर किए जाने की बात पर उसके परिजनों ने अस्पताल के महिला वार्ड के समीप बने एमटीएच सेंटर के पास हंगामा करना शुरू कर दिया. महिला के परिजन विक्की कुमार ने बताया कि ऑपरेशन के बाद प्रगति को वार्ड में शिफ्ट किया गया, लेकिन इसके बाद न तो उसे कोई चिकित्सक देखने आया और न ही अस्पताल का कोई अधिकारी.

बस नर्स ने आकर बताया कि प्रगति को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर किया गया है. इसलिए इसे लेकर भागलपुर जाएं. परिजनों ने बताया कि ऑपरेशन के बाद अगर गलती हुई तो चिकित्सक रेफर करने के समय प्रगति को क्यों देखने नहीं आए, जबकि केवल नर्स से कह कर रेफर करवा दिया गया. परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और महिला चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया.

अस्पताल उपाधीक्षक डॉ रामप्रीत सिंह ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान किसी एक केस में कॉम्‍प्‍लीकेशन आ जाता है. प्रगति के केस में भी ऐसा ही कुछ ऐसी ही जटिलताएं आई थीं, जिसे महिला चिकित्सक द्वारा ठीक कर लिया गया था. घबराने की कोई बात नहीं थी जो भी चूक हुई उसे ससमय सुधार लिया गया है. प्रगति को केवल बेहतर इलाज और निगरानी के लिए भागलपुर रेफर किया गया है.

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