झारखंड: पत्थर कारोबारी ने पत्नी और डेढ़ माह की बच्ची को 3 दिनों तक भूखे-प्यासे कमरे में रखा बंद

दुमका: डिप्रेशन में आ चुके पत्थर कारोबारी अजय कुमार दुबे ने अपनी पत्नी पिंकी कुमारी एवं डेढ़ माह की बच्ची को 3 दिनों तक भूखे-प्यासे अपने घर के एक कमरे में बंद कर रखा. यह घटना झारखंड के दुमका शहर के एलआईसी कॉलोनी की है.

सोमवार की शाम में महिला पिंकी कुमारी ने अपने मायके पटना के नौबतपुर थाना के डुमरचक में अपने पिता को फोन से सूचित किया. उसके पिता अजय उपाध्याय और भाई विकास उपाध्याय अपने सगे-संबंधियों के साथ नौबतपुर से रात में ही चले और  मंगलवार को सुबह में दुमका पहुंचे. बेटी की ससुराल गए.

दामाद अजय कुमार दुबे न केवल दरवाजे खोलने से इंकार कर दिया बल्कि दामाद ने यह धमकी भी दी कि जबरन अंदर घूसे तो बच्ची को छत से फेंक देंगे. तब नगर थाना की पुलिस को सूचित किया गया. नगर थाना प्रभारी देवव्रत पोद्दार दलबल लेकर पहुंचे पर अजय दुबे ने दरवाजा नहीं खोला. नगर थाना की पुलिस वापस लौट आई.

महिला थाना प्रभारी श्वेता कुमारी महिला कांस्टेबल के साथ एलआईसी कॉलोनी पहुंची. महिला थाना प्रभारी श्वेता कुमारी किसी तरह अजय कुमार दुबे को समझा कर घर के दरवाजे को खुलवाया. दरवाजा खोलने के बाद अजय कुमार दुबे बाहर आया तो पुलिस के समक्ष रोने लगा. महिला थाना की पुलिस उसे समझा-बुझा कर वापस लौट गई. मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है.

पिंकी कुमारी के पिता अजय उपाध्याय ने बताया कि उनकी बेटी की शादी 2016 में बड़े ही धूमधाम से हुई थी. दामाद अजय दुबे का पत्थर का कारोबार है. उसके पिता सुरेन्द्र द्विवेदी जिला खनन विभाग में हेड क्लर्क पद से सेवानिवृत हो चुके है. अभी वे गांव गए हैं.  घर पर केवल दम्पति व डेढ़ माह की बच्ची ही थी.

एलआईसी कॉलोनी मुहल्ले में एक युवक के द्वारा पत्नी एवं बच्चे को एक कमरे में बंद कर दिए जाने की सूचना मिली. युवक को समझाने-बुझाने पर वह दरवाजे को खोल दिया. वह काफी दुखी है और डिप्रेशन की वजह से ऐसी हरकत कर रहा था. उसे मेंटल ट्रीटमेंट की जरुरत है. उसने अपनी पत्नी एवं बच्ची को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है. इसलिए समझा-बुझाकर पुलिस लौट आई है.
– श्वेता कुमारी,थाना प्रभारी,महिला थाना

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