बिहार कैबिनेट में 13 एजेंडे पर लगी मुहर, पटना में अब डीजल ऑटो सितंबर तक चलेंगे

नीतीश कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है. बैठक में कुल 13 एजेंटों पर मुहर लगी है.इस बार भी बैठक में राजस्व व भूमि सुधार विभाग में 3883 पदों के सृजन को मंजूरी मिली है. इसमें विभिन्न कोटि के पद शामिल हैं.

इसके अलावा राजधानी पटना में वायु प्रदूषण पर रोकथाम के लिए डीजल से चलने वाले ऑटो पर रोक लगाने की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है.अब 30 सितंबर 2021 तक पटना शहरी क्षेत्र में डीजल का ऑटो चलता रहेगा. इस पर कोई पाबंदी नहीं होगी. 

नीतीश कैबिनेट की इस अहम बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया है कि सरकारी अस्पतालों में लोगों को अब शुद्ध और पोषक भोजन मुहैया कराया जायेगा. ताकि वो किसी भी बीमारी से लड़ने में सक्षम हो सके. सबसे खास बात ये है कि यह जिम्मा अब जीविका दीदियों को दिया गया है, वो “दीदी की रसोई” चलाएंगी.

सरकार में स्वच्छ भारत मिशन के लिए 418.16 करोड रुपए स्वीकृत किए हैं. साथ ही साथ जल जीवन हरियाली के तहत नवसृजित और विकसित सार्वजनिक जलाशयों के रखरखाव का जिम्मा भी जीविका को देने का फैसला किया गया है.

नीतीश कैबिनेट ने बिहार जुडिशल ऑफिसर कंडक्ट रूल 2017 को रद्द कर दिया है. सरकार ने इसकी जगह बिहार जुडिशल ऑफिसर कंडक्ट रूल्स 2021 को लागू करने की स्वीकृति दे दी है. निवेश करने पर ने एक और महत्वपूर्ण फैसले में गया, राजगीर और बोधगया में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 456 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है. गंगाजल योजना फेज-1 के लिए राशि की स्वीकृति दे दी गई है.

हर घर नल का जल योजना के लिए 300 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है. इसे कनड एजेंसी फंड से स्वीकृति दी गई है. अरुण कुमार वर्मा को वाणिज्य कर न्यायाधिकरण का सदस्य बनाया गया है.

इसके अलावा सरकार ने 2 डॉक्टरों को भी सेवा से बर्खास्त कर दिया है. डॉक्टर राय ज्ञानेश्वर नाथ और डॉक्टर मनोज कुमार राठौर को कई सालों से सेवा से गैरहाजिर होने के कारण बर्खास्त कर दिया गया है.

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