Ban On Firecrackers: दिल्ली और कर्नाटक के बाद चंडीगढ़ में भी पटाखे जलाने पर लगा बैन

दीपावली अभी हफ्ते भर दूर है, लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए देश के कई राज्यों ने पटाखों के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है. शुक्रवार को कर्नाटक सरकार ने जहां पटाखों पर बैन का ऐलान किया तो शाम को केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ ने भी पटाखे जलाने पर बैन लगा दिया. चंडीगढ़ प्रशासन ने ये फैसला आपदा प्रबंधन कानून के तहत लिया है.इसके साथ ही प्रशासन ने पटाखे बेचने के लिए जारी किए जाने वाले अस्थायी लाइसेंस पर रोक लगा दी है, बावजूद इसके कि प्रशासन ने लाइसेंस जारी करने के लिए ड्रॉ का आयोजन किया था.

कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर बुलाई बैठक में केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कहा, ”डॉक्टरों की सलाह है कि पटाखे जलाने से निकलने वाला धुआं फेफड़ों के लिए हानिकारक हो सकता है, और ऐसे में नागरिकों को इससे बचना चाहिए या फिर त्यौहारों के दौरान पटाखे जलाने को ज्यादा से ज्यादा नियंत्रित किया जाए. “

उन्होंने कहा कि जरूरत इस बात कि है कि शहर को प्रदूषण मुक्त रखा जाए ताकि फेफड़े से संबंधित बीमारियां बढ़ने ना पाए और कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में भी इजाफा ना हो.चंडीगढ़ प्रशासन के सलाहकार मनोज परीदा ने कहा कि अगले आदेश तक आपदा प्रबंधन कानून के तहत पटाखों पर बैन लगा दिया गया है.

चंडीगढ़ से पहले कर्नाटक, दिल्ली, राजस्थान, ओड़िशा और बंगाल जैसे राज्यों ने भी पटाखे जलाने पर बैन का ऐलान किया है.शुक्रवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि दिवाली के मौके पर पटाखों के इस्तेमाल पर बैन रहेगा और राज्य सरकार इस बारे में आदेश जारी करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते पटाखों के इस्तेमाल पर बैन लगाने का फैसला लिया गया है.

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने गुरुवार को कहा कि पटाखों और आतिशबाजी से निकलने वाला धुआं लोगों के लिए नुकसानदेह है और कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है.

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