भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला: दशहरा-दीपवली-छठ पर रेलवे चलाएगा 20 अक्टूबर से 30 नवंबर तक 392 ट्रेन

दुर्गापूजा, दीवाली और छठपूजा त्योहारों से पहले भारतीय रेलवे ने यात्रियों को बड़ी सौगात दी है. भारतीय रेलवे ने 20 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच 196 जोड़ी यानी 392 ट्रेन चलाने का फैसला किया है. ये ट्रेनें कम से कम 55 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी. फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों का किराया सामान्य स्पेशल ट्रेनों की तुलना में 30 फीसदी ज्यादा होगा. दरअसल यह नियम साल 2015 के कमर्शियल सर्कुलर नंबर 30 के अनुसार लागू किया जा रहा है.

बयान में बताया गया है कि दुर्गा पूजा, दशहरा, दिवाली और छठ पूजा के दौरान छुट्टियों की वजह से मुसाफिरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कोलकाता, पटना, वाराणसी, लखनऊ समेत अन्य जगहों के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी.

भारतीय रेलवे के जोनल डिपार्टमेंट ने अधिक से अधिक 3र्ड एसी वाले कोचों के साथ ट्रेन चलाने पर फैसला लिया है. कोरोना काल में जिन नियम शर्तों के साथ ट्रेनें चल रही हैं वह सब इन ट्रेनों में भी लागू रहेगा. कुछ ट्रेनें रोजाना, कुछ सप्ताह में चार दिन, कुछ सप्ताह में तीन दिन, कुछ ट्रेनें सप्ताह में दो दिन तो कुछ ट्रेनें साप्ताहिक चला करेंगी. कुछ ट्रेनें सप्ताह में पांच दिन भी चलायी जाएंगी.

भारतीय रेलवे ने शनिवार से अपने कुछ नियमों में बड़े बदलाव किए हैं. रेल यात्री अब ट्रेन छूटने के 5 मिनट पहले तक टिकट बुक कर सकते हैं. साथ ही अब ट्रेनों में टिकट आरक्षण का दूसरा चार्ट ट्रेन स्टेशन से छूटने से आधे घंटे पहले जारी होगा. आपको बता दें कि कोरोना महामारी के चलते रेलवे ने यह समय आधे घंटे से बढ़ाकर 2 घंटे पहले कर दिया था. जिसमें ट्रेन चलाने से पहले तमाम तरह के नियम कानून कोरोना प्रोटोकॉल में फॉलो करने पड़ते थे. लेकिन जैसे-जैसे कोरोना का संकट कम हो रहा है. उधर, भारतीय रेलवे सफर करने वाले लाखों यात्रियों को सहूलियत दे रही है.

इससे एक फायदा ये भी होगा कि यात्री खाली बर्थ पर रिजर्वेशन करा सकते हैं और टिकट भी वापस करा सकते हैं. जिस स्टेशन पर करंट बुकिंग काउंटर है, यात्री वहां से टिकट खरीद सकते हैं. वहीं ई टिकट ले सकते हैं. रेलवे की इस सुविधा से ऐसे लोगों को विशेष मदद मिलेगी, जिन्‍हें किसी विशेष आपात स्थितियों में ट्रेन से यात्रा करना पड़ती है.

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