बिहार चुनाव 2020: BJP-JDU में सीट शेयरिंग को लेकर बन गई सहमति, आधी-आधी सीटों पर लड़ेंगे चुनाव

बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर आखिरकार एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर सहमति बन चुकी है. जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार को आखिरकार बीजेपी के सामने झुकना पड़ा है और अब वह 50:50 फॉर्मूले के तहत सीट बंटवारे को राजी हो गए हैं.

नीतीश कुमार पिछले कुछ दिनों से जिद पर अड़े थे कि जनता दल (यूनाइटेड) बीजेपी से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, मगर आखिरकार उन्हें अपनी जिद छोड़नी पड़ी. तय फॉर्मूले के मुताबिक जेडीयू 122 सीटों पर और भारतीय जनता पार्टी 121 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. जेडीयू बीजेपी की कई परंपरागत सीटों पर भी दावेदारी ठोक रही थी, मगर अब उन्होंने यह मांग भी छोड़ दी है.

जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को नीतीश कुमार की पार्टी अपने कोटे से सीट देगी जबकि लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) को बीजेपी अपने कोटे से सीट देगी.

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि बीजेपी लोक जनशक्ति पार्टी को अपने कोटे से सीट तभी देगी अगर चिराग पासवान एनडीए का हिस्सा बने रहते हैं. पिछले कुछ दिनों से सीट बंटवारे को लेकर चिराग पासवान ने काफी कड़े तेवर दिखाए हैं और वह अकेले 143 सीटों पर चुनाव लड़ने के संकेत भी दे चुके हैं. 

बीजेपी और जेडीयू के बीच आखिरी दौर की बातचीत शनिवार दोपहर को पटना में हुई थी. शनिवार को जेडीयू के 4 बड़े नेता ललन सिंह, आरसीपी सिंह, विजय चौधरी और बिजेंदर यादव ने देवेंद्र फडणवीस, भूपेंद्र यादव के साथ 4 घंटे तक लंबी मैराथन बैठक की थी. 

सूत्रों के मुताबिक बीजेपी इस बार नीतीश कुमार के दबाव में झुकने को तैयार नहीं थी. इसकी वजह से आखिरकार नीतीश कुमार को अपनी जिद छोड़नी पड़ी. इस बैठक के बाद देवेंद्र फडणवीस और भूपेंद्र यादव दिल्ली रवाना हो गए, जहां पर बीजेपी आलाकमान के साथ बातचीत में सीट बंटवारे के मुद्दे पर सहमति बन गई.

बिहार में पहले चरण के मतदान के लिए 1 अक्टूबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है मगर अब तक एनडीए में सीटों को लेकर बंटवारा नहीं हुआ है जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है.पिछले कई दिनों से बीजेपी और जेडीयू में सीट बंटवारे को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है.  बिहार में 28 अक्टूबर से तीन चरणों में मतदान होना है जबकि नतीजे 10 नवंबर को आएंगे.

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