बिहार में बंद हो सकती है कोरोना की जांच, लैब टेक्निशियंस ने हड़ताल पर जाने की दी चेतावनी

पटना : बिहार में बीएसएससी कभी घोटाले की वजह से तो कभी लापरवाही की वजह से सुर्खियों में रहता है. एक बार फिर बीएसएससी के रवैये से नाराज राज्यभर के लैब टेक्निशियंस ने कोरोनकाल में हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है. राज्य के 678 लैब टेक्निशियंस जो कि संविदा पर 10 वर्षों से अस्पतालों में कार्यरत हैं. इनका आरोप है कि बीएसएससी के द्वारा लिए गए काउंसिलिंग के 5 साल बाद भी अबतक सेवा स्थायी नहीं हो सकी है. स्थायी करने की मांग को लेकर ही अब हड़ताल की तैयारी की जा रही है.

मिली जानकारी के मुताबिक सेवा स्थायी को लेकर आयोग ने वर्ष 2015 में ही 1772 पदों के लिए विज्ञापन निकाला था. जिसकी काउंसिलिंग वर्ष 2016 में हुई, लेकिन लापरवाही ऐसी कि रिजल्ट आते आते 5 साल लग गए और जब रिजल्ट 2020 में जारी किया गया तो 3 माह से  साक्षात्कार नहीं लिया गया. आयोग के इस रवैये से नाराज प्रदेश अध्यक्ष सुरजीत कुमार ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर 31 जुलाई तक साक्षात्कार नहीं लिया जाता और मेधा सूची जारी नहीं होती है तो 1 अगस्त से राज्य भर के लैब टेक्निशियंस हड़ताल पर चले जायेंगे.

पीछे क्यों हट रहा आयोग

लैब टेक्निशियंस ने आरोप लगाते हुए कहा कि जानबूझकर मेधा सूची जारी करने से आयोग पीछे हट रहा है. इन्हीं लैब टेक्निशियंस के सहारे अस्पतालों में कोरोना का सैम्पल लिया जा रहा है और यही सैम्पल जांच भी कर रहे हैं. अबतक 30 से ज्यादा कर्मी कोरोना पॉजिटिव भी हुए हैं. साथ ही दो की कोरोना की वजह से जान भी चली गयी. संविदा पर काम कर रहे कर्मी उमेश कुमार और तनुजा कुमारी ने कहा कि जोखिम भरा काम सरकार लगातार ले रही है, लेकिन न तो जॉब सिक्यूरिटी है और न ही बीमा. ऐसे में जबतक सेवा स्थायी नहीं होती बिहार में लैब टेक्निशियंस 1 अगस्त से हड़ताल पर रहेंगें.

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