पर्ची नहीं इलाज नहीं: इलाज के इंतजार में मरीज ने NMCH अस्पातल के बाहर तोड़ा दम

बिहार में स्वास्थ्य विभाग कोरोना से मरीजों को बचाने से अधिक लोगों की जान लेने पर तुला है. यह घटना पटना के प्रतिष्ठित और कोविड-19 इलाज के लिए बनाए गए नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) का है जहां अस्पताल के बाहर एक मरीज ने दम तोड़ दिया.

घटना के बारे में बताया जा रहा है कि एक बीमार शख्स को लेकर परिजन एनएमसीएच लेकर गए थे, लेकिन भर्ती कराने के बदले स्टाफ ने तीन घंटे तक पर्ची कटाने के नाम पर गेट पर खड़ा रखा. इस दौरान गाड़ी में बैठे मरीज की मौत हो गई. मरीज नालंदा के बिहारशरीफ का रहने वाला था.

परिजनों ने बताया कि वह सुबह मरीज को लेकर पटना में आए थे. पटना के कई हॉस्पिटल का चक्कर लगाया, लेकिन किसी ने भर्ती नहीं लिया, भर्ती से पहले सभी ने कहा कि कोरोना जांच कराकर लाए. जब कोरोना जांच कराने के लिए पहुंचे तो जांच कराने के लिए गए तो कहा गया कि अभी जांच नहीं होगा. तीन दिन बाद जांच रिपोर्ट मिलेगा. किसी तरह से एक डॉक्टर एनएमसीएच रेफर किया. 

लेकिन एनएमसीएच में पर्ची के नाम पर तीन घंटे तक इंतजार कराया गया. जिससे मरीज की मौत हो गई.

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