कोरोना से सावधान रहने की है जरुरत: घर बैठे-बैठे भी हो सकते हैं कोरोना वायरस के शिकार, रखें इन बातों का ध्यान

सियोल:  कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने को लेकर अलग-अलग देशों के वैज्ञानिकों ने कई तरह के दावे किये हैं. बीते दिनों वैज्ञानिकों के एक दल के कहने पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ये माना था कि वायरस के हवा के जरिए फैलने के सबूत मिले हैं. अब दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि घर में मौजूद सामानों से और बाहर से आने वाले सामानों के जरिए भी कोरोना फैलने की पूरी आशंका है. रिसर्च में कहा गया है कि बाहर से आने वाले सामानों को अच्छे से डिसइनफेक्ट करना बेहद ज़रूरी है.

दक्षिण कोरिया की इस स्टडी को यूएस सेंटर्स फॉर डिजीस कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने 16 जुलाई को प्रकाशित किया है. कोरिया सेंटर्स फॉर डिजीस कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के निदेशक जियोंग ईयून कीयोंग की टीम ने एक रिसर्च में ये दावा किया है. यह रिपोर्ट 5706 शुरुआती कोरोना मरीजों और उसके बाद संक्रमित हुए 59 हजार लोगों पर आधारित है. रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रति 100 कोरोना मरीजों में सिर्फ 2 ऐसे हैं जिन्हें गैर-घरेलू संपर्क की वजह से कोरोना हुआ है. जबकि हर 10 मरीज में 1 मरीज को कोरोना का संक्रमण उनके घर के सदस्यों के जरिए हुआ है.

इस रिसर्च में दावा किया गया है कि बहुत से मामलों में बाहर से आने वाले सामान के जरिए संक्रमण की बात सामने आई है. हैलीम यूनिवर्सिटी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. चो यंग जून ने कहा कि 9 साल से कम उम्र के बच्चों के संक्रमित होने की आशंका बेहद कम होती है. बच्चे ज्यादातर एसिम्टोपमैटिक होते हैं. यानी इनमें कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं दिखते. इसलिए इनमें कोरोना को पहचानने में शुरुआती दिक्कतें आती हैं.

डॉ. चो यंग ने चेतावनी दी कि कोरोना वायरस किसी भी उम्र के इंसान को नहीं छोड़ रहा है. वह हर किसी को अपना शिकार बना रहा है. घर में रहने से ही आप सुरक्षित नहीं रह सकते. आपको घर में भी सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखना होगा. बचाव के सारे तरीके अपनाने होंगे. उधर जियोंग ईयून कीयोंग ने कहा कि किशोर और बुजुर्ग घर के सभी सदस्यों से नजदीक रहते हैं. इसलिए इनके संक्रमित होने की आशंका भी बढ़ जाती है. ऐसे में इन दोनों समूहों का खास ख्याल रखने की जरूरत है.

उम्र के हिसाब से भी कोरोना किसी को नहीं छोड़ रहा है. घर में मौजूद कम उम्र के किशोर से लेकर 60 या 70 साल के बुजुर्ग को भी अपना शिकार बना ले रहा है लेकिन घर में रहने वाले किशोर और बुजुर्ग ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं.

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