नीतीश सरकार की नाकामी गिनवाना NMCH के अधीक्षक को पड़ा भारी, अधीक्षक निर्मल कुमार सिन्हा को पद से हटाया गया

कोरोना काल में नीतीश सरकार की नाकामी गिनवाना एनएमसीएच के अधीक्षक को भारी पड़ गया है. नीतीश सरकार ने सेंट्रल टीम के सामने राज्य सरकार की नाकामी गिनाने वाले एनएमसीएच के अधीक्षक निर्मल कुमार सिन्हा को पद से हटा दिया है. इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आदेश जारी किया गया है.

स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रशासनिक दृष्टिकोण से अधीक्षक निर्मल कुमार सिंह को पद से हटाया जाता है. उनकी जगह पर शिशु रोग विशेषज्ञ विनोद कुमार सिंह को अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है.

बता दे कि 2 दिन पहले बिहार दौरे पर आई केंद्रीय टीम ने एनएमसीएच का दौरा किया था, जहां अस्पताल के अधीक्षक के निर्मल कुमार सिन्हा ने स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली की पोल खोल दी थी. एनएमसीएच अधीक्षक ने सीधे तौर पर कहा था कि अस्पताल में 447 बेड है जबकि केवल 166 पर ही ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध है. ऐसे में मरीजों का इलाज करना संभव नहीं हो पा रहा. कई बेडों पर ऑक्सीजन की पाइप लाइन खराब है. एनएमसीएच में गंभीर और अति गंभीर मरीज ही भर्ती किये जा रहे हैं. इन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है. जरूरत के अनुसार कई मरीजों को सिलेंडर से ऑक्सीजन दिया जा रहा है. इन दिनों सिलेंडर बदलने और ऑक्सोमीटर लगाने वाले वार्ड ब्वॉय की कमी है. इससे परेशानी हो रही है. 

एनएमसीएच के डॉक्टर और नर्सो ने बताया कि इमरजेंसी के सभी बेड तथा मेडिसिन सहित अन्य विभाग के वार्डो में लगे बेड पर ऑक्सीजन पाइप लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से लंबे समय से कहा जा रहा है. करीब एक साल पहले यह काम शुरू होने से पहले ही इस पर ग्रहण लग गया.

नीतीश सरकार को एनएमसीएच अधीक्षक डॉ निर्मल कुमार सिन्हा का सच बोलना रास नहीं आया था और उसने केंद्रीय टीम के वापस जाते ही एनएमसीएच अधीक्षक पर गाज गिरा दी है. कोरोना संक्रमण से मुकाबले के लिए नीतीश सरकार किस रास्ते पर चल रही है, इस कार्रवाई के बाद यह साफ हो गया है. सच बोलने की सजा डॉ निर्मल कुमार सिन्हा को मिली है.

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