क्या मच्छरों के काटने से भी फैल सकता है कोरोना? रिसर्च में सामने आई ये बात

दुनियाभर में कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है.  इसको लेकर लोगों के मन में तमाम तरह के सवाल उठते रहते हैं. जाहिर है ऐसे में इस वायरस को लेकर दुनिया भर में कई जगह रिसर्च किए जा रहे हैं. लगातार इसको लेकर नई-नई जानकारियां सामने आती ही रहती हैं. इस बीच शोधकर्ताओं ने यह भी रिसर्च किया है कि क्या कोरोना वायरस मच्छरों से एक-दूसरे में फैल सकता है? इस रिसर्च में सामने आए नतीजे वैज्ञानिकों के लिए काफी राहत भरे हैं.

शोधकर्ताओं ने यह साफ किया है कि खतरनाक कोरोना वायरस मच्छरों द्वारा लोगों तक नहीं पहुंच सकता है. कोरोना वायरस को लेकर ढेरों रिसर्च हो रहे हैं कि यह एक इंसान से दूसरे इंसान में किन-किन जरियों से फैल सकता है. अमेरिका की कंसास स्‍टेट यूनिवर्सिटी ने मच्छरों वाला अध्‍ययन किया है.

इसकी रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना फैलाने वाला SARS-CoV-2 वायरस मच्छरों के काटने से नहीं फैल सकता है. वैज्ञानिकों ने मच्छर की तीन प्रजातियां – एडीज एजिप्टी, एडीस अल्बोपिक्टस और क्यूलेक्स क्विनकैफैसिअसस पर रिसर्च किया. मच्छर के ये तीनों प्रकार चीन में मौजूद है और चीन से ही कोरोना की शुरुआत हुई थी. COVID-19 वायरस गर्म और उमस वाले वातावरण सहित सभी क्षेत्रों में फैलता है. अध्ययन में सामने आया कि मच्छरों की ये तीनों प्रजातियां वायरस को दोहराने का ताकत नहीं रखती हैं, इसलिए इसे मनुष्यों में प्रेषित नहीं कर सकतीं.

हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यह कहा है कि भले ही मच्छर वायरस को प्रसारित नहीं कर सकते हैं. लेकिन इस सिद्धांत का समर्थन करने के लिए निर्णायक डेटा देने वाला पहला रिसर्च उनका है.डब्ल्यूएचओ ने कहा कि अगर आप कहीं जाते हैं तो सुरक्षात्मक उपाय अपनाएं. COVID-19 से बचने का सबसे अच्छा तरीका है अक्सर अपने हाथों की सफाई करें. ऐसा करने से आप अपने हाथों पर लगने वाले संक्रमण को खत्म कर सकते हैं और इससे बच सकते हैं. WHO ने भी कहा है कि ठंड के मौसम का कोरोना वायरस से कोई लेना देना नहीं है. ये लोगों का मिथ है कि मौसम नए कोरोना वायरस या अन्य बीमारियों को मार सकता है.

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