लेह में राजनाथ सिंह का चीन को सख्त संदेश: अगर किसी ने हमारे स्वाभिमान पर चोट पहुंचाने की कोशिश की तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा

वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव के बाद चीन के पीछे हटते कदमों के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो दिवसीय दौरे पर लद्दाख पहुंचे हैं. उन्होंने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवाने के साथ सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया और एलएसी पर सुरक्षा हालात का जायजा लिया. लद्दाख पहुंचे रक्षा मंत्री ने लुकुंग चौकी पर जाकर भारतीय सेना के जवानों एवं अधिकारियों से बातचीत की. इस दौरान जवानों का हौंसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी ने हमारे स्वाभिमान पर चोट पहुंचाने की कोशिश की तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.

लाइन ऑफ एक्चुअल ट्रोल (एलएसी) का जायजा लेने पहुंचे रक्षामंत्री ने कहा कि भारत की एक इंच जमीन भी कोई नहीं ले सकता है. उन्होंने कहा कि देश के 130 करोड़ भारतवासियों को भारत की सेना पर नाज है. राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं आप सभी के बीच पहुंचकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं. उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करते हुए भारतीय सैनिकों ने जिस तरह से शहादत दी है उसका गम देश की हर एक जनता को है.

रक्षामंत्री ने कहा कि चीन के साथ सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत जारी है. बैठक के बाद कई मुद्दों का हल भी निकला है लेकिन बातचीत से पूरे मामले का हल निकलेगा या नहीं इसकी गारंटी नहीं है. हां यहां से मैं इतना यकीन जरूर दिलाना चाहता हूं कि भारत की एक इंच जमीन भी दुनिया की कोई ताकत छू नहीं सकती. उन्होंने कहा कि मैं विश्वास दिला देना चाहता हूं कि भारत की जमीन पर कोई कब्जा नहीं कर सकता.

राजनाथ सिंह ने कहा कि हम शांति चाहने वालों में से हैं, अशांति चाहने वालों में नहीं. भारत ने पूरी दुनिया को शांति का संदेश दिया है. हमारे जवानों ने देशवासियों के सम्मान की रक्षा की. हम सीमा पर दुश्मनों की किसी भी हिमाकत का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं .भारत ने हमेशा वसुैधव कुटुम्बकम का संदेश दिया है. भारत हमेशा से शांति चाहता है. भारत का हमेशा से चरित्र रहा है कि वह किसी भी देश के स्वाभिमान पर चोट करने की कोशिश नहीं करता है. लेकिन भारत के स्वाभिमान को जिस ​किसी ने भी चोट पहुंचाने की कोशिश की है उस वक्त भारत ने उसे सबक भी सिखा दिया है. रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर ​किसी ने भारत की तरफ आंख उठाकर भी देखा तो हम चुप भी रहने वालों में से नहीं हैं.

इस खास मौके पर ट्वीट करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, ‘आज सुबह लद्दाख़ पहुंच कर सीमावर्ती इलाक़ों का दौरा किया और लुकुंग चौकी पर जाकर भारतीय सेना के जांबाज़ जवानों एवं अधिकारियों के दर्शन करते हुए उनसे बातचीत करने का अवसर मिला.’ उन्होंने कहा कि भारत का नेतृत्व सशक्त है. हमें नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री मिला है. फ़ैसला लेने वाला प्रधानमंत्री मिला है.

यदि हम आज लद्दाख़ में खड़े हैं तो आज के दिन मैं कारगिल युद्द में भारत की सीमाओं की अपने प्राणों की बाज़ी लगाकर रक्षा करने वाले बहादुर सैनिकों को भी स्मरण एवं नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.

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