सत्तरघाट पुल के ध्वस्त होने पर तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर नीतीश सरकार पर तंज कसा, कहा- 29 दिन में ही कैसे टूट गया 8 साल में बना पुल?

 बिहार के गोपालगंज जिले में 264 करोड़ की लागत से बना सत्तरघाट महासेतु बुधवार को पानी के बढ़ते दबाव के कारण ध्वस्त हो गया. इस पुल का उद्घाटन पिछले ही महीने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था. इस महासेतु के ध्वस्त होने से चंपारण तिरहुत और सारण के कई जिलों का संपर्क पथ टूट गया है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है. इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने ट्विटर अकाउंट पर वीडियो पोस्ट करते हुए नीतीश सरकार पर तंज कसा है कि 29 दिन के भीतर ही 264 करोड़ की लागत से बना पुल ध्वस्त हो गया है.

तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में लिखा, ”8 वर्ष में 263.47 करोड़ की लागत से निर्मित गोपालगंज के सत्तर घाट पुल का 16 जून को नीतीश जी ने उद्घाटन किया था आज 29 दिन बाद यह पुल ध्वस्त हो गया. खबरदार! अगर किसी ने इसे नीतीश जी का भ्रष्टाचार कहा तो? 263 करोड़ तो सुशासनी मुंह दिखाई है. इतने की तो इनके चूहे शराब पी जाते है.”

गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि जिस पुल का उद्घाटन खुद सीएम ने बड़े तामझाम के साथ किया था, जो पुल 8 साल से बन रहा था और जिसे बनाने में 264 करोड़ रुपए का खर्च आया वो महज 29 दिन में ही टूट कर बह गया. तेजस्वी ने कहा कि दरअसल, नीतीश कुमार के राज में पुल टूटना आम बात हो गई है. इससे पहले भी भागलपुर के कहलगांव में उद्घाटन के एक दिन पहले ही बांध टूट गया था. तेजस्वी ने तंज भरे लहजे में कहा कि बिहार में चूहे बांध तोड़ देते हैं, ऐसे में पुल टूटने पर पैसे की रिकवरी कैसे होगी. उन्होंने कहा कि 15 साल में सीएम ने 55 घोटाले किए हैं.

तेजस्‍वी यादव ने कहा कि बिहार में जब तक आरसीपी टैक्स के तहत पैसे देकर ट्रांसफर-पोस्टिंग का खेल जारी रहेगा, तब तक ऐसे ही पुल टूटते रहेंगे. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस पुल का निर्माण करने वाली वशिष्ठ कंपनी को न केवल ब्लैक लिस्टेड किया जाए, बल्कि पुल के निर्माण में लगी राशि को भी रिकवरी करने की जरूरत है. तेजस्वी ने कहा कि बिहार में विनाश की गंगा बह रही है, ऐसे में सीएम नीतीश कुमार को जवाब देना चाहिए. नीतीश सरकार में पुल बनाने और टूटने का ट्रेंड शुरू हो चुका है.

तेजस्वी ने कहा कि इस मामले में बड़ी मछलियों पर कार्रवाई होनी चाहिए न कि केवल छोटी मछलियों पर. तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार में अगर थोड़ी भी नैतिकता बची है तो उन्हें नंदकिशोर यादव को बर्खास्त करना चाहिए. मालूम हो कि बुधवार को गोपालगंज में गंडक नदी पर बने नए पुल का अप्रोच रोड बाढ़ के पानी में बह गया था.

दरअसल, एप्रोच रोड गंडक नदी के पानी के दबाव नहीं झेल पाया था और देखते ही देखते ध्वस्त हो गया. इस पुल के पहुंच पथ के ध्वस्त होने से आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गयी है और चंपारण, तिरहुत और सारण समेत कई जिलों से संपर्क भी टूट गया है. बता दें कि बीते 16 जून को सीएम नीतीश कुमार ने पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस महासेतू का उद्घाटन किया था.

You might also like

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More