बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा, लगातार हो रही बारिश से 10 नदियां खतरे के निशान के उपर

नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बिहार में नदियां उफान पर हैं. शनिवार को दस नदियों का जलस्तर ख़तरे के निशान के ऊपर पहुंच गया. कोसी, गंडक, बागमती, कमला बलान, भूतही, ललबकिया, अधवारा, घाघरा, खांडो और महानंदा खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. इससे जगह-जगह बाढ़ का कहर शुरू हो गया है.

नेपाल की तराई में बारिश से कोसी और सीमांचल के कई इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है. सुपौल में शनिवार सुबह 5 बजे कोसी बराज से 2 लाख 76 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से कोसी उफना गई है. इससे सुपौल जिले के छह प्रखंड क्षेत्र के कोसी तटबंध के भीतर बसे गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है. 100 से अधिक गांव और लगभग 10 हजार से अधिक घर इसकी चपेट में आ गए हैं. सीतामढ़ी के परिहार प्रखंड व अंचल कार्यालय समेत जिले के सैकड़ों घराें में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है.

गत 24 घंटे में मुुंगेर में गंगा के जलस्तर में 70 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है. बागमती सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर में, कमला बलान व भूतही मधुबनी में, अधवारा सीतामढ़ी में, घाघरा सीवान में, कोसी नेपाल के वीरपुर, सहरसा, ख़गड़िया और भागलपुर में और महानंदा किशनगंज में लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.नेपाल सीमा पर पश्चिम चंपारण स्थित गंडक बराज के सभी फाटकों काे खोल दिया गया है. बराज को हाईअलर्ट पर रखा गया है.

उत्तर बिहार के तराई वाले जिलों में शनिवार को भारी बारिश हुई. चनपटिया में सबसे अधिक 150 मिलीमीटर बारिश हुई. मौसम विज्ञान केंद्र ने नेपाल से सटे जिलों में भारी बारिश और वज्रपात काे अलर्ट पर रखा है.  मौसम वैज्ञानिक शैलेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि पटना में भी हल्की से मध्यम बारिश हो रही है. एक दो स्थानों पर वज्रपात भी हो सकता है.

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