फ्लाइट से यात्रा करना हुआ आसान, सरकार ने बदल दिया कोरोना से जुड़ा ये नियम

नागर विमानन मंत्रालय ने विमानन कंपनियों को ऐसे यात्रियों को यात्रा करने की इजाजत देने को कहा है, जो सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म में यह जाहिर करते हैं कि यात्रा की तारीख से पूर्व की तीन सप्ताह की अवधि में वे कोविड पॉजिटीव नहीं पाए गए हैं. मिनिस्ट्री ने सभी एयरलाइंस को जानकारी दी है कि जो यात्री बीते 21 दिन में कोरोना पॉजिटिव नहीं पाये गए हैं, उन्हें ही ट्रैवल करने की अनुमति दी जाएगी. 21 दिन की यह समय सीमा यात्रा की तारीख से पहले की होगी. PTI ने अपनी एक रिपोर्ट में इस बारे में बताया है.

ध्यान देने वाली बात है कि 21 मई को एविएशन मिनिस्ट्री द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन में कहा गया था कि पिछले 2 महीने में कोविड-19 पॉजिटिव नहीं पाये गये यात्रियों को ही ट्रैवल करने की अनुमति होगी.

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मिनि​स्ट्री ने यह फैसला इसलिए लिया है, क्योंकि उसका मानना है कि देश में बड़ी संख्या में लोग कोरोना वायरस संक्रमण से रिकवर हो चुके हैं. ऐसे में यात्रा करने वाले लोगों को होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए मिनिस्ट्री ने यह फैसला लिया है. सेल्फ-डिक्लेयरेशन फॉर्म में इस अपडेट के बारे में एयरलाइंस को कुछ दिन पहले ही जानकरी दी गई है.

इसमें आगे बताया गया है कि अगर कोई व्यक्ति कोरोना वायरस संक्रमण से रिकवरी कर चुका है और बीते 3 सप्ताह में उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है तो उन्हें भी हवाई यात्रा करने की अनुमति दी जा सकती है. हालांकि, रिकवर्ड लोगों को कोविड-19 डिस्चार्ज सर्टिफिकेट दिखाना होगा. कोविड-19 रिकवरी सर्टिफिकेट दिखाने पर भी अनुमति मिल जाएगी. इसे उस हॉस्पिटल से प्राप्त किया जा सकता है, जहां पर कोरोना का इलाज कराया गया है.

भारत में अब तक कोरोना से 8.2 लाख लोग संक्रमित पाए गए हैं. इनमें से 5.15 लाख लोग अब तक ठीक हो चुके हैं. इसका मतलब है कि देश का रिकवरी रेट 63 फीसद के आसपास है. इस वायरस की वजह से देश में अब तक 22,000 लोगों की जान जा चुकी है. 

कोरोनावायरस महामारी की वजह से दो महीने के अंतराल के बाद भारत ने 25 मई से घरेलू उड़ानों का परिचालन फिर से शुरू किया था. अधिसूचित अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं अब भी निलंबित हैं.