Hindustan Unilever ने किया ऐलान: अपने स्किन केयर ब्रांड Fair & Lovely से ‘फेयर’ शब्द हटाएगी, ये है कारण

एफएमसीजी प्रमुख Hindustan Unilever Ltd (HUL) ने गुरुवार को कहा कि वह अपने लोकप्रिय स्किन केयर ब्रांड Fair & Lovely से ‘फेयर’ शब्द को हटाएगी, जो सौंदर्य की अधिक समावेशी विजन को लेकर कंपनी की प्रतिबद्धता को बताता है. दरअसल, लोग लंबे समय से डार्कर स्किन वाले लोगों के खिलाफ इस क्रीम को नकारात्मक रूढ़ियों को बढ़ावा देने की आलोचना कर रहे थे. मीडिया रिपोर्ट में ऐसा कहा गया है कि सोशल मीडिया पर ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन को देखते हुए कंपनी को ऐसे कदम उठाने पड़े हैं.

हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड ने एक बयान में कहा कि कंपनी ने ब्रांड नाम में ‘फेयर’ शब्द के इस्तेमाल को रोकने की घोषणा की है और अब वह नियामक मंजूरी का इंतजार कर रही है. रीब्रांडिंग के बारे ने कंपनी ने बताया कि HUL ने 2003 में स्थापित ‘फेयर एंड लवली’ फाउंडेशन के लिए नए नाम की घोषणा की, ताकि महिलाओं की शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए महिला छात्रवृत्ति दी जा सके.

HUL के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक संजीव मेहता के अनुसार, फेयर एंड लवली में बदलाव के अलावा, एचयूएल के बाकी स्किनकेयर पोर्टफोलियो भी सकारात्मक सौंदर्य के नए विजन को बताएंगे. कंपनी ने कहा, ‘ब्रांड की विजन सौंदर्य के प्रति एक पूरी दृष्टिकोण को अपनाना है, जो सभी के लिए हर जगह समावेशी और विविधतापूर्णसभी हो. कंपनी ने बयान में कहा कि ब्रांड सभी त्वचा टोन को मनाने के लिए प्रतिबद्ध है.

बता दे किसन 1975 में, हिंदुस्तान यूनीलीवर ने “फेयर एंड लवली” नाम की एक गोरा करने वाली क्रीम लॉन्च की. देश में गोरेपन की क्रीम के बाजार का 50-70 फीसदी हिस्सा “फेयर एंड लवली” के पास ही है. “फेयर एंड लवली” ने साल 2016 में 2000 करोड़ क्लब में प्रवेश किया, जिससे पता चलता है कि भारत में गोरा करने वाली क्रीम खूब बिकती हैं.