20 दिन पहले पैदा हुई बेटी का चेहरा देखे बिना देश के लिए शहीद हुए बिहार के कुंदन ओझा

बिहार के भोजपुर का एक वीर सपूत लद्दाख के गलवान घाटी में चीन की सेना के साथ हुई झड़प मे देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गया. शहीद जवान मूल रूप से जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के पहरपुर गांव के रहने वाले रविशंकर ओझा के 28 वर्षीय पुत्र कुंदन ओझा थे.फिलहाल उनका परिवार झारखंड के साहेबगंज में रह रहा है. जैसे ही उनके शहीद होने की खबर पैतृक गांव में हुई तो गांव के लोगों की आंखे नम हो गई. 

मंगलवार की शाम बेटे की शहादत की खबर मिलते ही गांव का माहौल गमगीन हो उठा. वहीं कुंदन के पैतृक घर में भी कोहराम मच गया. कुंदन अपने पहले बच्चे को देखने से पहले ही शहीद हो गए.

 बताया जाता है कि शहीद जवान कुंदन ओझा की दो साल पहले शादी हुई थी. शादी के बाद पहली संतान 20 दिन पहले हुई थी. कुंदन की बेटी हुई थी. इस खबर के बाद वह काफी खुश थे और घरवालों को जल्द बेटी से मिलने आने का वादा किया था, लेकिन वह बेटी का चेहरा भी नहीं देख पाए और वह शहीद हो गए. 

बताया जाता है कि किसान रविशंकर ओझा के पुत्र कुंदन ओझा की करीब दस साल पहले नौकरी लगी थी.  जानकारी के अनुसार कुंदन ओझा तीन भाइयों में मांझिल थे. इनमें कमाने वाले सिर्फ कुंदन ही थे. उनके दो छोटे और भाई है. कुंदन को बचपन से ही सेना की नौकरी करने का शौक था. वह 18 साल की उम्र में ही 2011 में बिहार रेजीमेंट में नौकरी ज्वाइन किए थे. जिसके बाद उनकी शादी 2018 में हुई थी. फिलहाल साहेबगंज के बिहारी ग्राम में कुंदन का पूरा परिवार रह रहा है. 

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