कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर पीएम मोदी ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों से की बातचीत, जानिये मोदी के संबोधन की अहम बातें

देश में कोरोना वायरस की स्थिति को लेकर प्राधनमंत्री नरेंद्र मोदी आज 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और शीर्ष अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं. इस दौरान राज्‍यों में कोरोना वायरस से निपटने और उसकी रोकथाम को लेकर उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा संभव है. पीएम मोदी कोरोना वायरस संक्रमण पर मंगलवार को छठी बार वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिये मुख्‍यमंत्रियों से बात कर रहे हैं. बता दें कि पीएम मोदी बुधवार को भी 17 राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों से बात करेंगे. पीएम मोदी ने कहा कि भारत में कोरोना महामारी का रिकवरी रेट 50 फीसदी से अधिक है. देश में अभी भी कोविड 19 महामारी का प्रभाव विश्‍व के अन्‍य हिस्‍सों जितना अधिक नहीं है. भारत दुनिया के उन देशों में अग्रणी है, जहां संक्रमितों का जीवन बच रहा है.

वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिये मुख्‍यमंत्रियों चर्चा में पीएम मोदी ने देश में कोरोना वायरस के कारण हो रही मौतों पर दुख जाहिर किया. उन्‍होंने कहा कि महामारी के समय में किसी भी भारतीय की मौत के बारे में जानना दुखदायी है. पीएम मोदी ने कहा भारत में हो रही हर एक मौत पीड़ादायी है.

मोदी के संबोधन की अहम बातें

भारत में दुनिया में सबसे कम मौतें
हमारे लिए किसी एक भारतीय की मृत्यु भी असहज करने वाली है. भारत दुनिया के उन देशों में है जहां कोरोना से सबसे कम मौतें हो रही हैं. भारत कोरोना के इस संकट में अपने नुकसान को सीमित करते हुए आगे बढ़ सकता है. अर्थव्यवस्था को तेजी से संभाल सकता है. 2 हफ्ते के अनलॉक-1 में बड़ा सबक ये दिया है कि हम नियमों का पालन करते रहे तो कोरोना संकट से भारत को कम से कम नुकसान होगा.

सुरक्षा रखेंगे तो सुरक्षित रहेंगे
मास्क या फेस कवर पर बहुत ज्यादा जोर देना जरूरी है. बिना मास्क घर से बाहर निकलने की कल्पना करना भी अभी सही नहीं है. ये जितना खुद के लिए खतरनाक है उतना ही उसके आस-पास के लोगों के लिए. इसलिए दो गज की दूरी की बात हो, हाथ धोने की बात हो, सैनिटाइजर की बात हो, ये सभी गंभीरता से किए जाने चाहिए. घर से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए ये बहुत जरूरी है.

लापरवाही लड़ाई को कमजोर करेगी
अब तक लगभग सभी ऑफिस खुल चुके हैं. प्राइवेट ऑफिस भी खुल चुके हैं. थोड़ी सी भी लापरवाही, अनुशासन में कमी कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई को कमजोर करेगा और इतने दिन की तपस्या पर पानी फिर जाएगा. हमें इस बात का ध्यान रखना है कि कोरोना को जितना रोक पाएंगे उतना ही हमारी अर्थव्यवस्था खुलेगी, दफ्तर खुलेंगे, ट्रांसपोर्ट के साधन खुलेंगे और उतने ही रोजगार के साधन बढ़ेंगे.

अर्थव्यवस्था पटरी पर आनी शुरू
आने वाले दिनों में जिस तरह से इकोनॉमी का विस्तार होगा, उससे दूसरे राज्यों को भी फायदा होगा. हमारी अर्थव्यवस्था में ग्रीन शूट दिखने लगे हैं. पावर कंजम्प्शन बढ़ने लगा है. मई में फर्टिलाइजर की सेल दोगुनी हुई है. खरीफ की बुवाई इस साल 12-13% ज्यादा हुआ है. वाहनों का प्रोडक्शन लॉकडाउन से पहले के 70% के लेवल पर पहुंच चुका है. लगातार तीन महीने में एक्सपोर्ट में कमी के बाद जून में फिर से बढ़कर पिछले साल के प्री-कोविड के स्तर पर पहुंच गया है. ये सभी हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. 

छोटे उद्योगों को सपोर्ट कर रहे
सभी राज्यों में फिशरीज, एमएसएमई का हिस्सा बहुत बड़ा है। इन्हें सपोर्ट करने के लिए अनेक फैसले हाल में लिए गए हैं. एमएसएमई को बैंक से क्रेडिट दिलाने का प्रयास हो रहा है. 100 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाले कारोबारों को 20% अतिरिक्त क्रेडिट का लाभ दिया गया है. ट्रेड और इंडस्ट्री अपनी पुरानी रफ्तार पकड़ सके, इसके लिए वैल्यू चेन पर भी मिलकर काम करना होगा. राज्यों में जहां भी स्पेसिफिक बिजनेस पॉइंट है, वहां 24 घंटे काम हो. स्थानीय स्तर पर किसी तरह की दिक्कत न हो तो इकोनोमिक एक्टिविटी और तेजी से बढ़ेगी.

रिफॉर्म्स से किसानों को फायदा होगा
जब किसान की आय बढ़ेती तो निश्चित रूप से डिमांड भी बढ़ेगी. विशेष तौर पर नॉर्थ ईस्ट और आदिवासी इलाकों में फार्मिंग और हॉर्टीकल्चर को लेकर नए अवसर आने वाले हैं. लोकल प्रोडक्ट के लिए जिस क्लस्टर बेस्ड रणनीति की घोषणा की गई है उसका लाभ हर प्रदेश को होगा. 

बता दें कि यह बातचीत दो दौर में जो कि आज और कल होने वाली है.आज के बैठक में पंजाब, केरल, गोवा, उत्तराखंड, झारखंड, पूर्वोत्तर राज्यों समेत कुछ केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं. बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हैं.और दूसरे दौर में बुधवार को भी प्रधानमंत्री मोदी 15 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के साथ बातचीत करेंगे. इनमें महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक, गुजरात, बिहार और उत्तर प्रदेश शामिल हैं.

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