कोरोना के बढ़ते मरीजों के कारण इन 4 राज्यों ने लिया बड़ा फैसला, खत्म की गई छूट, फिर कड़े प्रतिबंध लगाने की तैयारी

देशभर में कोरोना के मरीजों की संख्या में हर रोज रिकॉर्ड इज़ाफा हो रहा है. गुरुवार को करीब 10 हजार नए केस सामने आए. ऐसे में अब भारत में संक्रमितों की संख्या 3 लाख के करीब पहुंच गई है. मरीजों की संख्या में ये बड़ी बढ़त अनलॉक-1 के बाद से देखी जा रही है. ऐसे में चार राज्यों ने एक बार फिर से कड़े प्रतिबंध लगाने की तैयारी शुरू कर दी है. जबकि कुछ राज्य सरकारें एक बार फिर से सारी छूट खत्म करने पर विचार कर रही है. आइए एक नजर डालते हैं कि किन राज्यों ने एक बार फिर से लोगों के आने-जाने पर पाबंदियां लगा दी हैं.

पंजाब सरकार


पंजाब में स्वास्थ्य विभाग के डेटा ने आशंका जताई है कि राज्य में कोरोना की पीक अभी बाकी है. कहा गया है कि 2 महीने के बाद कोरोना के मरीजों की संख्या में भारी इजाफा होगा. ऐसे में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार ने एक बार फिर से कई तरह की पांबदियां लगा दी है. सरकार ने वीकेंड और छुट्टियों के दिन लॉकडाउन को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है. यहां तक ​​कि राज्य सरकार दिल्ली से आने वाले लोगों के लिए कड़े प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है. मेडिकल स्टाफ और आवश्यक सेवा को छोड़कर सभी नागरिकों को कोवा ऐप से ई-पास डाउनलोड करने की जरूरत होगी.

तमिलनाडु सरकार से हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

तमिलनाडु में भी कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. ऐसे में मद्रास हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि क्यों न सिर्फ चेन्नई को लॉकडाउन कर दिया जाए. जस्टिस विनीत कोठारी और जस्टिस आर सुरेश कुमार ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण को काबू करने के लिए तमिलनाडु सरकार के उठाए कदमों के बावजूद खासकर महानगर और उसके बाहरी इलाकों में संक्रमण के मामलों की संख्या ‘तेजी से बढ़ रही हैं और हालात चिंताजनक हो गए हैं’. सरकार को शुक्रवार तक जवाब देना है. तमिलनाडु में 25 हजार से ज्यादा केस हैं जिसमे से 70 फीसदी मरीज चेन्नई में ही हैं.

केरल में भी हालात खराब


केरल सरकार ने इस महीने भगवान अयप्पा मंदिर यानी सबरीमाला को खोलने का फैसला टाल दिया है. देश में कोरोना का पहला मामला केरल से ही आया था. पिछले महीने यहां संक्रमण की रफ्तार थम गई थी. लेकिन बाद में प्रवासियों के लौटने के बाद केरल में एक बार फिर से नए मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ. अब तक राज्य में कोरोना के कुल 1238 मामले सामने आए हैं. जबकि राज्य में इस खतरनाक वायरस से 18 लोगों की मौत हुई है. ऐसे में राज्य सरकार फिर से लॉकडाउन को दोबारा सख्ती से लागू करने और बॉर्डर बंद करने पर विचार कर रही है.

झारखंड


शिबू सोरेन सरकार ने एक बार फिर से राज्य में लॉकडाउन को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है. झारखंड में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 48 नये मामले सामने आने से संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1599 हो गयी है. अब तक राज्य में 1599 संक्रमितों में से 1311 प्रवासी मजदूर हैं जो देश के विभिन्न भागों से वापस लौटे हैं.

You might also like

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More