गृह मंत्रालय ने समझाया नाइट कर्फ्यू का मतलब, रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक लोगों की आवजाही पर रोक, हाईवे पर गाड़ियों को ना रोकने का आदेश

देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच गृह मंत्रालय ने अनलॉक 1.0 में रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू नाइट कर्फ्यू को लेकर एक बार फिर स्थिति स्पष्ट की है. शुक्रवार को गृह मंत्रालय ने कहा कि जरूरी सेवाओं को छोड़कर अन्य लोगों के घरों से बाहर जाने पर रोक रहनी चाहिए. नाइट कर्फ्यू में हाइवे पर चलने वाली गाड़ियों पर किसी भी तरह का प्रतिबंध लागू नहीं होता है.

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने शुक्रवार को कहा, ”रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक लोगों के बाहर जाने पर पूरे देश में सख्ती से रोक है. हालांकि, जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को इससे छूट है. कुछ राज्य हाईवे से गुजर रहे लोगों, बस और ट्रकों को भी रोक रहे हैं.” उन्होंने कहा कि राज्यों से ऐसा नहीं करने को कहा गया है.

गृह मंत्रालयन ने कहा है कि रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित करने का उद्देश्य मुख्य रूप से व्यक्तियों की एक जगह इकट्ठा होने से रोकना और शारीरिक दूरी को सुनिश्चित करना है. यह प्रतिबंध सामानों की लोडिंग और अनलोडिंग, यात्रियों से भरी बसों, सामान ले जा रहे ट्रकों आदि पर लागू नहीं होता है. रेल, बस और विमान से उतरकर अपने गंतव्य की ओर जा रहा लोगों पर प्रतिबंध नहीं लागू होगा.

कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू किए लॉकडाउन के तीसरे चरण में सरकार ने दिन के समय जब प्रतिबंधों से छूट दी थी तो शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक कर्फ्यू का ऐलान किया था. चौथे चरण में भी यह नियम लागू रहा. इसके बाद सरकार ने अनलॉक 1.0 के लिए नाइट कर्फ्यू का समय बदल दिया. अब नाइट कर्फ्यू रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक है.

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