राम मंदिर निर्माण में भेजा जाएगा हिमाचल के तीर्थ स्थलों की मिट्टी और पानी

मंडी : अयोध्या में बनने जा रहे राम मंदिर निर्माण में हिमाचल प्रदेश के तीर्थ स्थानों की मिट्टी और जल का इस्तेमाल किया जाएगा. यह जानकारी विश्व हिंदू परिषद के प्रांत अध्यक्ष लेख राज राणा ने मंडी में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान दी. उन्होंने बताया कि प्रदेश में जितने भी प्राचीन धार्मिक स्थान, प्राचीन झीलें और नदियां हैं उन सभी की मिट्टी और जल मंदिर निर्माण के लिए भेजे जाएंगे. प्रदेश के प्रत्येक जिला में तैनात विहिप के कार्यकर्ता इस कार्य को करेंगे.

यहां से जल भेजा जाएगा


मंडी जिला की बात करें तो यहां की कमरूनाग झील, रिवालसर झील, पराशर झील, ब्यास नदी, शिकारी देवी और अन्य प्राचीन धार्मिक स्थानों की मिट्टी और जल भेजने की योजना है. यह मिट्टी और जल एकत्रित करने के बाद इसे डाक के माध्यम से अयोध्या भिजवाया जाएगा. लेख राज राणा ने बताया कि यह निर्णय राष्ट्रीय स्तर पर विश्व हिंदू परिषद ने लिया है और देश भर के प्राचीन धार्मिक स्थलों से यह मिट्टी और जल भेजा जाएगा.

मंदिर निर्माण में सहयोग

उन्होंने बताया कि यदि कोई मंदिर निर्माण में अपना आर्थिक सहयोग देना चाहता है तो उसके लिए न्याय का अकाउंट नंबर जारी किया गया है. लोग सीधे इस खाते में अपना योगदान दे सकते हैं.

कोरोना मुक्ति के लिए प्रार्थना


लेख राज राणा ने बताया कि मंदिर का निर्माण निर्विघ्न हो और कोरोना महामारी से मुक्ति मिले, इसके लिए बीती 19 मई से विश्व हिंदू परिषद सामूहिक प्रार्थनाओं का आयोजन करवा रही है. यह प्रार्थनाएं और सत्संग लोग अपने घरों पर कर रहे हैं. अभी तक 41 हजार परिवार इस कार्य को कर चुके हैं जिसमें 1 लाख 27 हजार 538 लोगों ने भाग लिया था. अब 4 जून को फिर से इस सामूहिक प्रार्थना और सत्संग को करने का लक्ष्य रखा गया है जिसमें 60 हजार परिवारों के दो लाख लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है.

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