बिहार में कोरोना की अब होगी रैंडम जांच, अभियान शहर से लेकर गांव तक चलेगा

पटना : अनलॉक 1.0 प्रभावी होने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमण की मॉनीटरिंग के लिए रैंडम जांच की तैयारी कर रहा है. रैंडम जांच में यह परखा जाएगा कि कहीं शहरी अथवा ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण का फैलाव तो नहीं हो रहा है.

कोरोना के रोकने पर हुई गहन चर्चा

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वरीय पदाधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंस अनलॉक 1.0 में दी जाने वाली छूट और कोरोना के फैलाव को रोकने पर गहन चर्चा हुई. जिलाधिकारियों ने मुख्य सचिव व कांफ्रेंस में शामिल अधिकारियों को जानकारी दी कि वर्तमान में संक्रमण के जो मामले आ रहे हैं उनमें से 99.9 फीसद मामले प्रवासियों के हैं. अधिकांश सैंपल क्वारंटाइन केंद्रों में संग्रहीत किए जा रहे हैं और जांच में पॉजिटिव पाए जा रहे हैं.

प्रवासियों के अलावा स्‍थानीय की भी होगी मॉनीटरिंग

जिलों द्वारा दिए गए फीडबैक को आधार बनाकर मुख्य सचिव ने यह निर्देश दिए कि अब यह देखा जाना जरूरी है कि शहरी अथवा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवासियों के अलावा अन्य लोगों में तो संक्रमण नहीं. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव और सचिव को निर्देश दिए कि वे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रैंडम जांच कराएं. स्वास्थ्य सूत्रों ने बताया कि मुख्य सचिव के आदेश के बाद अब स्वास्थ्य विभाग रैंडम जांच की व्यवस्था कर रहा है. 

श्‍हर से लेकर गांच तक में चलेगा अभियान

जांच शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एक साथ चलेगी. इसमें किसी खास क्षेत्र से कम से कम पांच लोगों के सैंपल लेकर उनकी जांच कराई जाएगी. यह प्रक्रिया निरंतर चलेगी. बता दें कि अभी राज्य की 20 लैब में कोरोना सैंपल की जांच हो रही है. इनमें से 99.9 परसेंट सैंपल प्रवासियों के होते हैं. प्रवासियों के अलावा कोरोना की राज्य में क्या स्थिति है इसकी सही-सही जानकारी सरकार के पास नहीं. सरकार को उम्मीद है कि रैंडम जांच से सही तस्वीर सामने आ सकेगी.

You might also like

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More