बिहार DGP ने जनता से मांगी भ्रष्ट पुलिसवालों की सूचना, जारी किया मुख्यालय का मोबाइल नंबर

भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिसवालों की अब खैर नहीं। जनता के साथ दुर्व्यवहार हो या शराब माफिया और अपराधियों के साथ मिलीभगत, ऐसे पुलिसकर्मियों को ढूंढ निकालने के लिए डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय ने नया तरीका इजाद किया है. भ्रष्ट और उदंड पुलिसवालों की सूचना अब जनता एक फोन के जरिए डीजीपी तक पहुंचा सकती है. सूचना देनेवालों की पहचान भी उजागर नहीं की जाएगी.

अनुसंधान में गड़बड़ी की भी करें शिकायत

भ्रष्टाचार में लिप्त और जनता से दुव्र्यवहार करनेवाले पुलिसकर्मियों की सूचना देने के लिए डीजीपी के आदेश पर मोबाइल नम्बर सार्वजनिक किया गया है. पुलिस मुख्यालय ने शुक्रवार को इसके लिए मोबाइल नम्बर 9431602301 जारी किया. इस नम्बर पर व्हाट्सएप की सुविधा उपलब्ध है. अपराधियों से साठगांठ हो चाहे अनुसंधान में निजी लाभ के लिए गड़बड़ी करना या फिर शराब माफियाओं के साथ मिलीभगत रखने वाले पुलिसकमी हों, ऐसी तमाम शिकायतें इस नम्बर पर की जा सकती है. यदि कोई पुलिसवाला आम जनता से बदत्तमीजी से पेश आता है तो भी उसकी भी सूचना देने को कहा गया है. शिकायत 31 मई तक की जा सकती है. फोन सुबह 10 से शाम 5 बजे के बीच करना है.

देना होगा साक्ष्य तभी होगी कार्रवाई

भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर लगाम लगाने के लिए शुरू किए गए इस अभियान के दौरान जो भी सूचनाएं दी जाएंगी उसका साक्ष्य होना जरूरी है. यदि गड़बड़ी का साक्ष्य मौजूद होगा तो वरीय पुलिस अधिकारियों की टीम जांच करेगी और जरुरत पड़ी तो घटनास्थल पर भी उन्हें भेजा जाएगा. सूचना देनेवाले व्यक्ति जबतक नहीं चाहेंगे पुलिस उनका नाम-पता नहीं बताएगी.

अच्छा काम कर रहा तो भी बताएं

डीजीपी ने सिर्फ भ्रष्ट पुलिसवालों से संबंधित सूचना ही नहीं मांगी है. यदि कोई पुलिसकर्मी जनता की सेवा में ईमानदारी और मेहनत से लगा है तो उसके बारे में भी बताने को कहा गया है. ताकि सर्वाजनिक रूप से ऐसे पुलिसवालों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाया जा सके.

डीजीपी ने जनता से भी मांगा सहयोग

डीजीपी ने आम लोगों से अपराध की रोकथाम में मदद मांगी है. उन्होंने अपराधियों के साथ उसके गिरोह के बारे में सूचना देने की अपील की है. साथ ही कहा कि शराब, जुआ, लॉटरी, गेसिंग और मादक पदार्थों का धंधा करनेवालों की भी खबर दें. इस तरह की सूचना पर पुलिस की विशेष टीम कार्रवाई करेगी. यदि किसी के पास व्हाट्सएप वाला फोन उपलब्ध नहीं है तो वह पटेल भवन स्थित डीजीपी सेल के पते पर पत्र भेज सकते हैं.

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