पटना में नकली दवाओं के कारोबार का बड़ा खुलासा, नकली निकलीं बच्चों की दवाएं

अगर आप दवाओं की खुराक बिना जांचे परखे ले रहे हैं तो बड़ी भूल कर रहे हैं. यह चूक कभी भी आपकी जान सांसत में डाल सकती है. पटना में फैले नकली दवाओं के कारोबार से सेहत पर सवाल है. लॉकडाउन में लगातार ऐसी दवाएं बरामद हो रही हैं जिसका सेवन घातक हो सकता है. गुरुवार को शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र में औषधि विभाग की टीम ने फिर नकली दवाओं की बड़ी खेप बरामद करते हुए बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने इस धंधे में संलिप्त दवा कारोबारी पर मुकदमा दर्ज किया है जबकि कारोबार का मुख्य सरगना फरार हो गया है. बरामद दवाओं में गैस, लिवर, बच्चों को दी जाने वाली कॉम्बीफ्लेम की सिरप सहित अन्य आवश्यक दवाएं हैं.

बंद पड़े मकान में मिली दवाएं


शास्त्रीनगर थाना की पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त छापेमारी गुरुवार को डीएवी पब्लिक स्कूल के पास एक बंद पड़े मकान में की गई. गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी में दवाओं की खेप देख औषधि विभाग के भी होश उड़ गए. पुलिस ने बताया कि नकली व नशीली दवाओं की खेप लाने वाला आरोपी डीएवी स्कूल के पास  माल डंप कर रखा था. हालांकि पुलिस की छापेमारी की भनक उसे लग गई और वह फरार हो गया. इसके बाद पुलिस टीम ने औषधि विभाग के ड्रग इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिन्हा के बयान पर मंटू कुमार नाम के एक दवा कारोबारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है.

आम दवाओं का नकली भंडार


औषधि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बरामद की गई दवाएं दर्द निवारक, गैस, नींद, कफ सिरप और मल्टी विटामिन्स की हैं. जिसकी कीमत करीब दो लाख रुपए बताई जा रही है. जब्त दवाओं में कॉम्बीफ्लेम का सिरप, डेटॉल सेनिटाइजर, युनिएंजाइम टैबलेट, शेल्काल टेबलेट और वोलिनी का स्प्रे आदि करीब एक दर्जन से अधिक नकली और संदिग्ध हैं.

ऐसे हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस जांच में पता चला कि पकड़ी गई दवाएं झारखंड से लाई जा रही हैं. इसे र्गोंवद मित्रा रोड स्थित बिहारी साव लेन में मंटू कुमार नाम के एक कारोबारी के यहां पहुंचाई जानी थी. वहीं से थोक व फुटकर के भाव में नकली दवाएं खपाने की तैयारी थी. इस बीच औषधि विभाग को गुप्त सूचना मिली जिसके बाद पुलिस के साथ छापेमारी कर करीब लाखों रुपए की नकली, नशीली व एक्सपायरी दवाइयां बरामद कर ली. छापेमारी में बड़े पैमाने पर विभिन्न दवा कंपनियों के रैपर भी मिले हैं. पुलिस का कहना है कि दवा मंडी में दर्जनों दुकानदार ऐसे हैं जो नकली दवाओं की खरीद-बिक्री में लगे हैं. सीसीटीवी कैमरे का फुटेज खंगाला जा रहा है.

अधिक कमाई के चक्कर में खिलवाड़
पुलिस और औषधि विभाग की जांच में जो बाते सामने आई हैं उससे पता चल रहा है कि कारोबारी मुनाफा अधिक खाने के चक्कर में लोगों की जान से खेल रहे हैं. लालच की वजह से संबंधित दवाएं बड़े पैमाने पर पटना सहित पूरे बिहार में भेजी गई हैं. लॉकडाउन में कार्रवाई नहीं हो इसका फायदा उठाने की तैयारी में दवा माफिया थे और इस क्रम में कई खेप पटना में खपा देने की बात भी सामने आ रही है. पूर्व में भी बड़े पैमाने पर नकली दवाओं के बड़े कारोबार का खुलासा हुआ है.जानकारी मिली थी कि शास्त्रीनगर में नकली दवाएं डंप हैं. इसके बाद पुलिस के साथ टीम लेकर संयुक्त रूप से छापेमारी की गई. संदेह वाले दवाओं का सेंपल जांच के लिए भेज दिया गया है. -राजेश कुमार सिन्हा, ड्रग इंस्पेक्टर 

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