1 जून से टाइम टेबल के हिसाब से चलेंगी 200 नॉन एसी ट्रेनें, जल्द शुरू होगी ऑनलाइन बुकिंग

आम लोगों की परेशानियों को देखते हुए रेलवे की तरफ से मंगलवार को बड़ा ऐलान किया गया है. अब एक जून से रोजाना 200 नॉन एसी ट्रेनें चलाई जाएंगी. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि रेलवे 1 जून से टाइम टेबल के हिसाब से प्रतिदिन 200 नॉन एसी ट्रेनें चलाएगा, जिसकी ऑनलाइन बुकिंग जल्द शुरू होगी.

रेल मंत्री ने कहा कि फंसे हुए प्रवासी मजदूरों को लेकर कहा, “राज्य सरकारों से आग्रह है कि श्रमिकों की सहायता करे तथा उन्हें नजदीकी मेनलाइन स्टेशन के पास रजिस्टर कर,लिस्ट रेलवे को दे,जिससे रेलवे श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाये. श्रमिकों से आग्रह है कि वो अपने स्थान पर रहें, बहुत जल्द भारतीय रेल उन्हें गंतव्य तक पहुंचा देगा.”

बता दें कि रेलवे पहले से ही प्रवासियों के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चला रहा है. भारतीय रेल ने मंगलवार को कहा कि एक मई से लेकर अब तक 1,565 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा चुकी हैं और बीस लाख प्रवासियों को वापस घर पहुंचाया जा गया है. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने एक ट्वीट में कहा कि उत्तर प्रदेश ने 837, बिहार ने 428 और मध्य प्रदेश ने सौ से अधिक ट्रेनों को अनुमति दी. सोमवार रात तक 162 ट्रेन रास्ते में थीं और 1,252 अपने गंतव्य पर पहुंच चुकी थीं.

रेलवे ने कहा कि लगभग 116 और ट्रेन चलाए जाने की प्रक्रिया में हैं. मंत्री ने ट्वीट किया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे द्वारा 20 लाख से अधिक कामगारों को 1,565 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर उनके घर भेजा जा चुका है.” सोमवार रात तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार गुजरात से 496 से अधिक ट्रेन चलाई गईं तथा 17 और चलाए जाने की प्रक्रिया में हैं.

महाराष्ट्र से 266 से अधिक ट्रेन चलाई गईं तथा 37 और चलाए जाने की प्रक्रिया में हैं. पंजाब से 188, कर्नाटक से 89, तमिलनाडु से 61, तेलंगाना से 58, राजस्थान से 54, हरियाणा से 41 और उत्तर प्रदेश से 38 ट्रेन चलाई गईं. उत्तर प्रदेश में अधिकतम 641 ट्रेन अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच चुकी हैं और 73 ट्रेन रास्ते में हैं.

बिहार में 310 ट्रेन गंतव्य पर पहुंच चुकी हैं और 53 अभी रास्ते में हैं. रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को ट्वीट की एक श्रृंखला में कहा कि उन्होंने ओडिशा, बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारों से बात की है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे अपने राज्यों में और ट्रेनों को आने की अनुमति देंगे.

You might also like

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More