Amphan Cyclone : तूफान के कारण इन राज्यों में मंडराया खतरा, भारी बारिश होने की आशंका

बंगाल की खाड़ी में उठ रहे तूफान अम्फान (Amphan)  कई राज्यों के लिए खतरा बन सकता है. मौसम विभाग के अनुसार इस समय देश में वेस्‍टर्न डिस्‍टर्बेंस एक्टिव है. इसके कारण देश के पहाड़ी क्षेत्रों जैसे, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के साथ ही पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम बिगड़ सकता है. भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की दक्षिण-पूर्वी खाड़ी और पड़ोसी क्षेत्रों से उठा चक्रवाती तूफान अम्फान अगले 12 घंटे में खतरनाक रूप ले सकता है. दक्षिण पूर्वी बंगाल की खाड़ी में करीब 1000 किलोमीटर की दूरी पर अगले 12 घंटे में चक्रवाती तूफान में तेजी से वृद्धि हो सकती है. ओडिशा के तटीय इलाके और आसपास के क्षेत्र में तूफान की चेतावनी दी है.

चक्रवात 20 मई को कर सकता है लैंडफाल

भारत मौसम विभाग भुवनेश्वर, डायरेक्टर एच.आर.विश्वास ने बताया कि 20 मई की दोपहर से शाम के बीच अम्फान चक्रवात के पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप और बांग्लादेश के हातिया द्वीप के बीच में लैंडफाल कर सकता हैं. वहां चक्रवात भयानक रूप ले लेगा. चक्रवात के कारण ओडिशा में भारी वर्षा होगी और तेज आंधी चलेगी.

सरकार अलर्ट

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल (एनडीआरएफ), सशस्त्र बलों और भारतीय तटरक्षक बल को सतर्क किया गया है और राज्य सरकार के अधिकारियों से समन्वय करने को कहा गया है. गृह, रक्षा मंत्रालयों के साथ-साथ भारतीय मौसम विभाग और एनडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया. राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये बैठक में हिस्सा लिया.

दीघा समुद्र तट से 1140 किमी दूर है चक्रवात

मौसम विभाग ने रविवार सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर तूफान को लेकर ताजा बुलेटिन जारी किया है. इसके मुताबिक ये तूफान फिलहाल बंगाल की खाड़ी के दक्षिण पूर्व में है और ये उत्तर पश्चिम की तरफ बढ़ रहा है. हवा की रफ्तार इस वक्त 6 किलोमीटर प्रतिघंटा है. तट से इसकी दूरी का हिसाब लगाया जाय तो ये ओडिशा के पारादीप से 990 किलोमीटर दक्षिण में है. जबकि पश्चिम बंगाल के दीघा से इसकी दूरी 1140 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम की तरफ है.

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, इस दौरान 70 किलोमीटर प्रतिघंटे तक तेज हवाएं चलेंगे और बारिश भी होगी. मौसम विभाग इसे लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ अभी भी सक्रिय है. इसका असर पर्वतीय इलाकों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बना हुआ है. जिसे लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.

सरकार ने मछुआरों को चेतावनी दी

सरकार ने मछुआरों को चेतावनी दी है कि वह 18 मई से समुद्र में या ओडिशा के समुद्री तटों पर ना जाएं. चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने 12 तटीय जिलों में अलर्ट जारी किया है. पश्चिम बंगाल के मछुआरों को भी चेतावनी दी गई है कि वे 18 से 21 मई के बीच बंगाल की खाड़ी या पश्चिम बंगाल-ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्रों में ना जाएं। जो मछुआरे पहले से समुद्र में हैं, उन सभी को 17 मई तक लौटने को कहा गया है. चक्रवाती तूफान अम्फान का असर देश के आठ राज्यों पर पड़ सकता है. जिसके चलते इन राज्यों में भारी बारिश और आंधी चल सकती है. खासकर अंडमान निकोबार द्वीप समूह में तूफान के चलते भारी बारिश हो सकती है.

आज शाम तक भयंकर चक्रवात में बदल सकता है तूफान

यह चक्रवात शनिवार की सुबह पश्चिम बंगाल में दीघा के दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में 1,220 किलोमीटर की दूरी पर था. मौसम कार्यालय ने यहां बताया कि इस तूफान के प्रभाव से 19 मई से राज्य के तटीय जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. क्षेत्रीय मौसम विभाग के निदेशक जी के दास ने बताया कि कम दबाव का क्षेत्र रविवार की शाम तक भयंकर चक्रवात में बदल सकता है और यह 17 मई तक उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ सकता है. उन्होंने बताया कि इसके 18 से 20 मई के दौरान उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ने और फिर पश्चिम बंगाल तट की ओर बढ़ने की संभावना है. इस तूफान से पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तबाही हो सकती है. ओडिशा के जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, बालासोर और भद्रक जैसे जैसे तटीय इलाकों में इसका असर देखने को मिल सकता है.

बंगाल के तटीय जिलों में मौसम बेहद खराब हो सकता है

मौसम विभाग के अनुसार यह चक्रवात धीरे-धीरे शक्तिशाली रुप धारण करता जा रहा है. इसके पहले बंगाल की खाड़ी में उत्तर और उत्तर-पश्चिम और फिर उत्तर और उत्तर-पूर्व में कदम रखने के अनुमान है. परिणामस्वरूप, सोमवार से बुधवार तक बंगाल के तटीय जिलों में मौसम बेहद खराब रह सकता है.

मंगलवार और बुधवार को वहां बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है. इनमें कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर और दक्षिण 24 परगना और पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर मुख्य रूप से शामिल हैं. 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. वहीं समुद्र के अंदर हवा की गति 190 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है.

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